दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 2 जून : स्मार्टफोन की स्पीड बढ़ाने और परफॉर्मेंस सुधारने के दावे के साथ Google Play Store और Apple App Store पर RAM Cleaner तथा Phone Booster जैसे हजारों ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स दावा करते हैं कि केवल एक क्लिक में RAM साफ कर फोन को तेज बनाया जा सकता है। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि इन दावों के पीछे की सच्चाई कुछ अलग है।
दरअसल, आधुनिक Android और iPhone ऑपरेटिंग सिस्टम अत्याधुनिक RAM मैनेजमेंट तकनीक से लैस होते हैं। जब फोन को अतिरिक्त RAM की आवश्यकता होती है, तो सिस्टम स्वतः ही बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स को अस्थायी रूप से बंद या सस्पेंड कर देता है। ऐसे में अधिकांश परिस्थितियों में अलग से RAM Cleaner ऐप्स की जरूरत नहीं पड़ती।
विशेषज्ञों के अनुसार, RAM Cleaner ऐप्स अक्सर बैकग्राउंड में चल रहे एप्लिकेशन को जबरन बंद कर देते हैं। इससे कुछ समय के लिए RAM खाली दिखाई दे सकती है, लेकिन जब उपयोगकर्ता उन ऐप्स को दोबारा खोलता है, तो सिस्टम को उन्हें फिर से लोड करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में अतिरिक्त संसाधनों की खपत होती है, जिससे बैटरी अधिक खर्च हो सकती है और कई मामलों में फोन पहले की तुलना में धीमा महसूस होने लगता है।
इतना ही नहीं, कई RAM Cleaner ऐप्स स्वयं लगातार बैकग्राउंड में सक्रिय रहते हैं ताकि वे RAM की निगरानी कर सकें। इससे प्रोसेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और बैटरी लाइफ भी प्रभावित हो सकती है। कुछ ऐप्स में अत्यधिक विज्ञापन होते हैं, जबकि कई मामलों में यूजर्स की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
यदि आपका स्मार्टफोन धीमा चल रहा है, तो RAM Cleaner ऐप्स पर निर्भर रहने के बजाय कुछ सरल और प्रभावी उपाय अपनाना अधिक फायदेमंद हो सकता है। अनावश्यक ऐप्स को हटाना, स्टोरेज में पर्याप्त खाली स्थान बनाए रखना, समय-समय पर कैश डेटा साफ करना और डिवाइस को नवीनतम सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ अपडेट रखना फोन की परफॉर्मेंस सुधारने में अधिक मददगार साबित हो सकता है।
तकनीकी विशेषज्ञों का निष्कर्ष स्पष्ट है कि अधिकांश मामलों में RAM Cleaner ऐप्स फोन की स्पीड बढ़ाने के बजाय उसकी कार्यक्षमता और बैटरी लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए ऐसे ऐप्स डाउनलोड करने से पहले उनके वास्तविक फायदे और संभावित नुकसान को समझना बेहद जरूरी है।