कार डीलर एसोसिएशन ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा—फीस लेने के बाद उसी पार्किंग व्यवस्था में खड़े वाहनों के चालान क्यों?
दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 23 सितंबर। चंडीगढ़ के सेकंड हैंड कार बाजार में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर कार डीलरों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। डीलरों का कहना है कि वे निर्धारित स्थान पर वाहनों की पार्किंग के लिए नगर निगम को करीब 5 लाख रुपये की लाइसेंस फीस अदा कर रहे हैं, इसके बावजूद हर रविवार वहां खड़े वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। चंडीगढ़ कार डीलर एसोसिएशन के सचिव एस.के. सूद ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
एस.के. सूद के अनुसार, शनिवार से रविवार के बीच डीलरों को अपनी सेकंड हैंड कारें निर्धारित स्थान पर खड़ी करनी होती हैं। इसके लिए बाकायदा नगर निगम को लाइसेंस फीस का भुगतान किया जाता है। उनका आरोप है कि फीस जमा कराने के बावजूद रविवार को नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंचती है और निर्धारित स्थान पर खड़े वाहनों के चालान काट दिए जाते हैं।
फीस भी दें और चालान भी भरें, यह कैसी व्यवस्था?
सूद ने कहा कि यदि नगर निगम ने सेकंड हैंड कार बाजार के लिए लाइसेंस व्यवस्था लागू की है और डीलरों से नियमित फीस वसूली जा रही है, तो लाइसेंसधारक डीलरों को निर्धारित समय में वाहन खड़े करने की सुविधा भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डीलर पहले ही लाइसेंस फीस समेत कारोबार से जुड़े कई खर्च उठा रहे हैं। ऐसे में बार-बार चालान काटे जाने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि जब वाहनों की पार्किंग के लिए बाकायदा फीस जमा कराई जा रही है, तो उसी व्यवस्था के तहत निर्धारित स्थान पर खड़े वाहनों के खिलाफ चालान किस आधार पर किए जा रहे हैं।
बाहरी लोगों को छूट, लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई का आरोप
सूद ने आरोप लगाया कि सोमवार से शुक्रवार तक कुछ अनजान लोग महज 14 रुपये की पार्किंग फीस देकर वाहनों की बिक्री का काम करते हैं, जबकि नियमित लाइसेंस फीस जमा कराने वाले स्थानीय डीलरों को रविवार को कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से इस व्यवस्था की जांच करने और सभी कारोबारियों के लिए समान नियम लागू करने की मांग की।
स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग
कार डीलर एसोसिएशन ने कहा कि वह नगर निगम प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन एक तरफ लाइसेंस फीस वसूलना और दूसरी तरफ उसी व्यवस्था के तहत खड़े वाहनों के चालान करना डीलरों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि लाइसेंस फीस जमा कराने वाले डीलरों के वाहनों के अनावश्यक चालान बंद किए जाएं और रविवार की पार्किंग व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। सूद ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द समस्या का समाधान नहीं किया और डीलरों को राहत नहीं मिली, तो एसोसिएशन अपने सदस्यों के हितों के लिए लंबे संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।