दैनिक खबरनामा|नई दिल्ली.4 जून 2026. राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक बहुमंजिला रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि आग लगने की मुख्य वजह विद्युत प्रणाली में आई तकनीकी खराबी हो सकती है। जांच एजेंसियां घटना के हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अब तक मिले साक्ष्यों में किसी एलपीजी सिलेंडर के फटने के प्रमाण नहीं मिले हैं। भवन के विभिन्न हिस्सों में स्थापित रसोईघरों में गैस सिलेंडर मौजूद थे, लेकिन उनमें विस्फोट होने की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग संभवतः विद्युत वायरिंग में उत्पन्न शॉर्ट सर्किट के बाद तेजी से फैली।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
21 लोगों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों में भारतीय नागरिकों के साथ-साथ कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रशासन ने विदेशी नागरिकों की पहचान उनके यात्रा दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सुनिश्चित की है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, संबंधित देशों के दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके। पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी की गई हैं।
कई मंजिलों तक फैली थीं आग की लपटें
दमकल विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक आग ने इमारत के निचले हिस्से से लेकर ऊपरी मंजिलों तक व्यापक नुकसान पहुंचाया। घना धुआं और अत्यधिक तापमान राहत एवं बचाव कार्यों में बड़ी चुनौती बने रहे। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों, भवन संरचना और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों पर अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी।
यह हादसा राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।