दैनिक खबरनामा | मुंबई, 1 जून : भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों का दबदबा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। मई महीने में इन दोनों वर्गों के बेहतर प्रदर्शन के बाद डेरिवेटिव्स बाजार में भी निवेशकों की सक्रियता तेज हो गई है। बढ़ती ओपन इंटरेस्ट (खुले सौदे) और तकनीकी संकेतों के आधार पर बाजार विशेषज्ञ कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूत संभावनाएं देख रहे हैं।

ट्रांसमिशन और ऊर्जा क्षेत्र पर निवेशकों की नजर

ऊर्जा अवसंरचना से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार कुछ शेयर महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तरों को पार कर नए उच्च स्तरों की ओर बढ़ने के संकेत दे रहे हैं। बढ़ते ओपन इंटरेस्ट और कीमतों में मजबूती इस क्षेत्र में तेजी की संभावना को बल दे रही है।

फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में दिख रही मजबूती

वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कई शेयर मजबूत तकनीकी ढांचे के साथ उच्च स्तरों पर स्थिर बने हुए हैं। लगातार ऊंचे स्तर पर खरीदारी का रुझान निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों पर फोकस

हरित ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर हैं। पिछले कुछ समय में उतार-चढ़ाव देखने के बाद अब कई शेयर फिर से मजबूती हासिल करते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो इस क्षेत्र में आगे भी अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में नई उम्मीद

एयरपोर्ट संचालन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कंपनियों ने हाल के कारोबारी सत्रों में महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों को पार किया है। बढ़ते वॉल्यूम और सकारात्मक संकेतकों के कारण इन शेयरों में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

औद्योगिक कंपनियों में ब्रेकआउट के संकेत

औद्योगिक उपकरण और इंजीनियरिंग क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियां लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकलने की तैयारी में दिखाई दे रही हैं। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यदि बाजार का माहौल अनुकूल रहा तो इन शेयरों में नई तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों पर दबाव

जहां अधिकांश मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है, वहीं ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कुछ बड़ी कंपनियां अभी भी दबाव में हैं। तकनीकी संकेत बताते हैं कि इन शेयरों में फिलहाल कमजोरी बनी रह सकती है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?

विश्लेषकों का मानना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जारी मजबूती आने वाले दिनों में डेरिवेटिव्स कारोबार को और सक्रिय बना सकती है। हालांकि वे निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले जोखिम प्रबंधन और तकनीकी स्तरों पर विशेष ध्यान दें।

बाजार में बढ़ती गतिविधियों के बीच ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाएं और औद्योगिक क्षेत्र फिलहाल निवेशकों की पसंद बने हुए हैं, जबकि चुनिंदा शेयरों में तेजी के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।

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