दैनिक खबरनामा। मोहाली, 16 जुलाई: ओरल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए मोहाली स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में बड़ा स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है। विभाग का लक्ष्य करीब 9 लाख लोगों की जांच करना है ताकि बीमारी का शुरुआती स्तर पर ही पता चल सके।
अब तक अभियान के तहत 42 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 7 लोगों में ओरल कैंसर की पुष्टि हुई है। विभाग के अनुसार इन 7 में से 4 मरीजों का इलाज फिलहाल चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती अवस्था में पहचान हो जाने पर इलाज की सफलता दर काफी बढ़ जाती है।
फेज-6 स्थित मेडिकल कॉलेज एवं सिविल अस्पताल की डेंटिस्ट डॉ. हरप्रीत कौर ने बताया कि ओरल कैंसर भारत में तेजी से फैलने वाले कैंसरों में से एक है। ज्यादातर मरीज तब आते हैं जब रोग काफी आगे बढ़ चुका होता है। इसी वजह से विभाग अब घर-घर जाकर और स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए लोगों को जांच के लिए जागरूक कर रहा है।
डॉ. कौर के मुताबिक तंबाकू, गुटखा, खैनी, जर्दा, सुपारी, बीड़ी, सिगरेट और शराब का लंबे समय तक सेवन इस कैंसर का मुख्य कारण है। जो लोग नियमित रूप से इन चीजों का इस्तेमाल करते हैं, उनमें बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को समय-समय पर ओरल जांच कराते रहना चाहिए।
इन संकेतों को हल्के में न लें
डॉ. हरप्रीत ने कुछ लक्षण बताए जिनके दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए:
– दो हफ्ते से ज्यादा समय तक मुंह का छाला न भरना
– मुंह या जीभ पर सफेद, लाल या दोनों रंग के धब्बे दिखना
– मुंह खोलने, खाना चबाने या निगलने में दिक्कत
– जीभ या मुंह के अंदर गांठ, कठोरता या लगातार दर्द
– बिना वजह मुंह से खून आना या आवाज में लंबे समय तक बदलाव
कहां हो रही है जांच
जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ओरल कैंसर की प्राथमिक जांच की सुविधा मौजूद है। जांच में अगर किसी में संदेह होता है तो उसे आगे की जांच और इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में भेजा जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हर महीने शीशे के सामने खुद अपने मुंह की जांच करें और हर 6 महीने में एक बार दंत चिकित्सक से चेकअप जरूर कराएं। खासकर जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं या पहले करते थे, उनके लिए नियमित स्क्रीनिंग जरूरी है। विभाग का कहना है कि तंबाकू को पूरी तरह छोड़ना ही ओरल कैंसर से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।