दैनिक खबरनामा
16 जुलाई नई दिल्ली : नीट पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद् एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन से जुड़े वांगचुक का गुरुवार को उपवास का 19वां दिन था। लंबे समय से अन्न त्यागने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर चिकित्सकों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
9 किलो से अधिक वजन कम, स्वास्थ्य मानकों पर लगातार निगरानी
वांगचुक की देखरेख कर रही मेडिकल टीम के प्रमुख डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि लगातार 19 दिनों से भोजन न लेने के कारण उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और अब उनका वजन 56.9 किलोग्राम रह गया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम चौबीसों घंटे उनके स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रमुख मानकों पर नजर बनाए हुए है।
जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, फिलहाल उनका ब्लड शुगर 80 mg/dL, पल्स रेट 72 बीट्स प्रति मिनट, लेटी हुई अवस्था में ब्लड प्रेशर 105/61 mmHg तथा बैठने की स्थिति में 101/65 mmHg दर्ज किया गया है।
शरीर की आंतरिक प्रक्रिया में बदलाव, डॉक्टरों ने जताई चिंता
डॉ. लांबा के अनुसार, वांगचुक मानसिक रूप से पूरी तरह सजग हैं और उनके शरीर में पानी की कमी नहीं है। हालांकि, लंबे उपवास के कारण शरीर की जैव-रासायनिक (बायोकेमिकल) प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वांगचुक अब लंबे समय तक भूखे रहने की प्रक्रिया के दूसरे चरण में पहुंच चुके हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस चरण में शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है, जो इस बात का संकेत है कि ऊर्जा प्राप्त करने के लिए शरीर अब मांसपेशियों का उपयोग करना शुरू कर देता है। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकेत माना जाता है।
मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की आशंका, मेडिकल टीम सतर्क
डॉ. लांबा ने कहा कि यदि भूख हड़ताल इसी तरह जारी रहती है तो वांगचुक का शरीर जल्द ही उपवास के तीसरे चरण में प्रवेश कर सकता है। इस अवस्था में शरीर ऊर्जा के लिए आवश्यक अंगों और आंतरिक प्रणालियों पर भी प्रभाव डालने लगता है, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेल्योर जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है।
फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और “इंतजार करो और देखो” (Wait and Watch) की रणनीति के तहत हर पल उनके स्वास्थ्य का आकलन कर रही है।