दैनिक खबरनामा 11 अप्रैल 2026 मथुरा के वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पंजाब के जगरांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों के शव शनिवार को जगरांव लाए गए, जिसके बाद पूरे इलाके में मातम छा गया। मृतकों में ईशान कटारिया (कपूर कॉलोनी, कच्चा मलक रोड), मधुर बहल और उनकी मां कविता रानी (गीता कॉलोनी), चरनजीत सिंह काला और उनकी पत्नी शामिल हैं।मृतकों के घरों में चीख-पुकार का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जगरांव पहुंचे और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पत्नी ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
हादसे में लुधियाना की रहने वाली मीनू की भी मौत हो गई थी, जिनका अंतिम संस्कार नम आंखों के साथ किया गया। इस दौरान धार्मिक और सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल को श्री बांके बिहारी क्लब की ओर से जगरांव से करीब 120 श्रद्धालु दो बसों में वृंदावन के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार सुबह सभी श्रद्धालु सकुशल वृंदावन पहुंचे। इनमें से करीब 30 श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद यमुना नदी में नौका विहार के लिए चले गए।इसी दौरान उनकी स्टीमर नाव यमुना नदी में बने अस्थायी पीपा पुल से टकरा गई और नाव डूब गई, जिससे बड़ा हादसा हो गया।लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि हादसे के अधिकतर पीड़ित जगरांव के हैं। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मथुरा प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।हादसे में कुछ श्रद्धालुओं को जीवित बचा लिया गया है, जिनमें जगरांव के सुनील कुमार की पत्नी, यशु पुत्र रमेश बजाज और लवेश शामिल बताए जा रहे हैं। इन्हें मथुरा के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।इस दुखद घटना की खबर मिलते ही जगरांव सहित आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है और कई परिजन तुरंत मथुरा के लिए रवाना हो गए।