दैनिक खबरनामा 31 मार्च 2026 भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को बड़ा बढ़ावा मिला है। नौसेना ने स्वदेशी उन्नत गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘दूनागिरी’, सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ और पनडुब्बी-रोधी युद्धक उथले पानी का पोत ‘अग्रय’ को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। इन तीनों पोतों को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने नौसेना को सौंपा।अधिकारियों के अनुसार, ‘दूनागिरी’ प्रोजेक्ट 17ए के तहत नीलगिरी श्रेणी का उन्नत गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। यह 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी युद्धपोत है, जो आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक सेंसर से लैस है। इसमें ब्रह्मोस जैसी एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलें भी तैनात हैं, जो इसकी मारक क्षमता को कई गुना बढ़ाती हैं।यह फ्रिगेट एक इंटीग्रेटेड कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है, जिससे यह हवा, सतह और समुद्र के नीचे—तीनों स्तरों पर एक साथ ऑपरेशन कर सकता है। वहीं ‘संशोधक’ समुद्री सर्वेक्षण में मदद करेगा, जबकि ‘अग्रय’ उथले पानी में पनडुब्बियों के खतरे से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।इन स्वदेशी पोतों के शामिल होने से नौसेना की समुद्री सुरक्षा, निगरानी और युद्धक क्षमता में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।