दैनिक खबरनामा/ब्यूरो/चंडीगढ़/08 जून 2026. पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 42.95 करोड़ रुपये की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तावित की है। इस योजना का उद्देश्य नशे की रोकथाम, जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापना जैसे विभिन्न पहलुओं को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाना है।
इसी संबंध में सोमवार को पंजाब भवन में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और नशा उन्मूलन तथा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़ी राज्य स्तरीय कार्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए समन्वित और परिणामोन्मुख रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नशा तस्करी पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने, जागरूकता बढ़ाने, उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित 42.95 करोड़ रुपये की कार्ययोजना के तहत स्कूलों, कॉलेजों और समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके अलावा जीवन कौशल शिक्षा, परामर्श सेवाओं, नशा मुक्ति कार्यक्रमों, पुनर्वास गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए भी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों, काउंसलरों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि वे नशे से जुड़ी समस्याओं की पहचान और समाधान में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
डॉ. बलजीत कौर ने पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि नशा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार के साथ-साथ कौशल विकास और रोजगार संबंधी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों की जरूरतों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक कार्ययोजना के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बुजुर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने सुझाव और बजट संबंधी प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों के सहयोग से पंजाब को नशा-मुक्त, सुरक्षित और प्रगतिशील राज्य बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।
बैठक में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।