दैनिक खबरनामा। नुब्रा, 22 जुलाई: लद्दाख के नुब्रा क्षेत्र के निवासियों के लिए 21 जुलाई का दिन खास रहा। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आज श्योक नदी पर निर्मित उदमारू पुल का लोकार्पण किया। 27.18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल इलाके की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव लाएगा।
इस पुल के शुरू होने से उदमारू और हुंदरी तथा टेरचे और स्कुरू गांवों के बीच की दूरी करीब 35 किलोमीटर कम हो गई है। अब लोगों को आवागमन के लिए लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
एक रिपोर्ट के अनुसार यह पुल नुब्रा में यातायात को सुचारू करेगा और बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल शाम गोम्बो तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करेगा। यह एक आधुनिक तीन-स्पैन ट्रस पुल है। इसकी हर स्पैन 80 मीटर की है और यह 70R भार क्षमता वाला है। पुल के साथ लगभग 230 मीटर लंबी एप्रोच सड़क भी बनाई गई है। निर्माण कार्य केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के विशेष विकास पैकेज के अंतर्गत पूरा किया गया है।
अधिकारियों का अनुमान है कि आसपास के गांवों के करीब 1000 लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सर्दियों और खराब मौसम में भी रास्ते बंद नहीं होंगे, जिससे नुब्रा की सालभर कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि लद्दाख में विकास को केवल सीमेंट और स्टील से नहीं तौला जा सकता। असल पैमाना यह है कि इससे आम लोगों के जीवन में कितनी सहूलियत और नए अवसर आएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में भी संपर्क बेहतर हो रहा है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि हर नागरिक तक बेहतर सुविधाएं, सार्वजनिक सेवाएं और बेहतर भविष्य पहुंचाना है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बल
उपराज्यपाल ने विशेष जोर देकर कहा कि यह पुल शाम गोम्बो तक वर्षभर आवाजाही संभव बनाएगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों सभी को सुविधा होगी। बेहतर सड़क संपर्क से धार्मिक पर्यटन बढ़ने की संभावना है। इसके साथ होमस्टे, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों में विस्तार होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।