दैनिक खबरनामा 8 मार्च 2026 सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गेहूं और गेहूं के आटे की खरीद, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, फोर्टिफिकेशन और वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बुधवार को राज्य खाद्य आयोग की बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने की, जिसमें शिमला, बिलासपुर, सिरमौर और मंडी जिलों के आटा मिल मालिकों ने भाग लिया।बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मिलर्स एफसीआई गोदामों से निम्न गुणवत्ता या संक्रमित गेहूं को किसी भी हालत में स्वीकार न करें। इसके साथ ही पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलर्स को संबंधित जिला नियंत्रकों को खरीद और मिलिंग की समय सीमा से जुड़ी जिलावार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।फोर्टिफिकेशन प्रक्रिया को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने के लिए माइक्रो-फीडर तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया, ताकि आटे में पोषक तत्वों का संतुलित मिश्रण सुनिश्चित किया जा सके। पैकेजिंग से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। इसमें बैग की शेल्फ लाइफ, लेमिनेशन और नमी के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए वजन में अनुमेय सहनशीलता की मांग मिलर्स द्वारा उठाई गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित व पोषक आटा पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।