दैनिक खबरनामा चंडीगढ़, 23 सितंबर : साइबर ठगों ने शहर में ठगी के दो अलग-अलग मामलों में सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए करीब 31.28 लाख रुपये की चपत लगा दी। सेक्टर-22 बी निवासी एसबीआई के सेवानिवृत्त कर्मचारी को फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी गई और उनसे 29.80 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। वहीं, सेक्टर-34 की 61 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी के मोबाइल में फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर एपीके एप्लीकेशन डाउनलोड करवाकर उनके खाते से 1,48,502 रुपये निकाल लिए गए।
पहला मामला: सेक्टर-22 बी निवासी एसबीआई के सेवानिवृत्त कर्मचारी श्रीपाल जैन ने साइबर क्राइम पुलिस को बताया कि 9 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि संदीप नामक व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया है और उसके पास से एक करोड़ रुपये बरामद हुए हैं।
आरोपितों ने जैन से कहा कि बरामद रकम में से 22 लाख रुपये उनके हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। जैन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने संदीप नाम के किसी व्यक्ति को जानने से इनकार किया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार व्हाट्सऐप कॉल कर उन्हें डराते और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते रहे।
आरोपितों की बातों पर विश्वास करते हुए जैन ने 9 सितंबर को अपने एसबीआई खाते से आरटीजीएस के जरिए 22.30 लाख रुपये करूर वैश्य बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 10 सितंबर को उन्होंने 7.50 लाख रुपये एक अन्य कैनरा बैंक खाते में भेज दिए। इसके बाद ठगों ने उनसे 10 लाख रुपये और मांगे। इस पर जैन ने अपने बेटे को मामले की जानकारी दी। बेटे ने उन्हें बताया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी गई।
फर्जी चालान के नाम पर ठगी: दूसरे मामले में सेक्टर-34 निवासी 61 वर्षीय इक़बाल कौर, जो एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी हैं, ने पुलिस को बताया कि 7 सितंबर को उन्हें उनके वाहन के ट्रैफिक चालान से संबंधित एक एसएमएस मिला। संदेश में अधिक जानकारी के लिए एक लिंक दिया गया था।
इक़बाल कौर ने लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनके मोबाइल में एक एपीके एप्लीकेशन डाउनलोड हो गई। संदेह होने पर उन्होंने एप्लीकेशन को तुरंत डिलीट कर दिया। हालांकि, 13 सितंबर को उन्हें क्रेडिट कार्ड से 49 हजार और 50 हजार रुपये के दो लेन-देन के एसएमएस मिले। उन्होंने तत्काल साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उनके मोबाइल फोन में उक्त एपीके एप्लीकेशन इंस्टॉल हुई थी। इसके बाद उन्होंने 14 सितंबर को पंजाब नेशनल बैंक से अपना बैंक स्टेटमेंट हासिल किया। स्टेटमेंट की जांच करने पर पता चला कि अलग-अलग लेन-देन के जरिए उनके खाते से कुल 1,48,502 रुपये डेबिट किए गए थे।
दोनों पीड़ितों की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपितों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े अन्य विवरणों की जांच कर रही है। फिलहाल किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।