दैनिक खबरनामा
3 जुलाई : कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए शुक्रवार को शुरू हुए दो दिवसीय प्रबोधन (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधायकों से लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी जनप्रतिनिधि बनने के लिए निरंतर सीखने की भावना, अध्ययन और सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है.
ओम बिरला ने कहा कि विधायक केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि पूरे राज्य की जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के प्रतिनिधि होते हैं। इसलिए सदन में होने वाली हर चर्चा, कानून और निर्णय का उद्देश्य जनकल्याण तथा राज्य के विकास को आगे बढ़ाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अपना महत्व है, लेकिन बहस का मकसद केवल विरोध करना नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करना होना चाहिए। तथ्य आधारित और अध्ययनपूर्ण चर्चा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाती है और जनता का भरोसा बढ़ाती है।
लोकसभा अध्यक्ष ने पहली बार चुने गए और युवा विधायकों को विशेष रूप से सदन की कार्यवाही में नियमित रूप से शामिल होने, वरिष्ठ सदस्यों के अनुभवों से सीखने और संसदीय परंपराओं का निरंतर अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बोलने का अवसर मिले या नहीं, सदन की कार्यवाही को ध्यानपूर्वक सुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार वर्तमान विधानसभा के फैसले आने वाली पीढ़ियों पर असर डालेंगे, इसलिए प्रत्येक विधायक को संविधान की भावना, ईमानदारी और दूरदृष्टि के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
ओम बिरला ने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विधायी कार्यप्रणाली में तेजी से बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने ‘डिजिटल संसद’ मंच का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके जरिए विधायक देशभर की संसदीय बहसों, कानूनों और श्रेष्ठ विधायी प्रक्रियाओं का अध्ययन कर अपनी कार्यक्षमता को और बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद, सहमति और सम्मानजनक असहमति की भावना पर आधारित है। मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्हें गरिमा और संयम के साथ व्यक्त किया जाना चाहिए। स्वस्थ चर्चा और विचारों का आदान-प्रदान ही लोकतांत्रिक संस्थाओं की सबसे बड़ी ताकत है।
अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस भूमि ने देश को अनेक महान विचारक, समाज सुधारक और राष्ट्रनायक दिए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर सांस्कृतिक नवजागरण, नवाचार और आर्थिक विकास का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा।