दैनिक खबरनामा
3 जुलाई : चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने चालू वर्ष के दौरान 1.40 लाख एकड़ भूमि को जलभराव (सेम) की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के तहत पहली बार वैज्ञानिक रणनीति अपनाते हुए सैटेलाइट आधारित नियमित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि उपचार के बाद प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा जलभराव की स्थिति न बनने पाए।
सरकार ने उन जिलों पर भी विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है, जहां यूरिया की खपत अपेक्षाकृत अधिक है। ऐसे क्षेत्रों में मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण कराया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि फसलों को वास्तव में अतिरिक्त नाइट्रोजन की आवश्यकता है या किसानों द्वारा जरूरत से अधिक यूरिया का प्रयोग किया जा रहा है। अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के अनुरूप हरियाणा को कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने आधुनिक तकनीक, लागत में कमी और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 15 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने एकत्र किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 50,620 नमूने लिए जा चुके हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार ने 10 जिलों में जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था करने का फैसला लिया है। हिसार और गुरुग्राम में इसके लिए अलग मंडियां स्थापित की जाएंगी, जबकि अन्य आठ मंडियों में अलग से स्थान चिन्हित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विशेष रूप से पंजाब सीमा से सटे जिलों में रीपर सहित आधुनिक कृषि मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसानों को इनके उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
इसके अलावा, अगस्त माह में हिसार में एक विशेष कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक कृषि तकनीकों, आधुनिक मशीनों और कृषि क्षेत्र के नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।