दैनिक खबरनामा 27 अप्रैल 2026 प्रदेशभर में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हजारों मरीज इन दिनों आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी सहारा योजना के तहत मिलने वाली 3,000 रुपये मासिक राहत राशि जुलाई 2025 से बंद पड़ी है। करीब 36,000 लाभार्थी पिछले दस महीनों से मदद का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनके इलाज पर सीधा असर पड़ा है।योजना के तहत कैंसर, लकवा, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और क्रोनिक किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशि से मरीजों को दवाइयों, इंजेक्शन और अन्य चिकित्सा खर्च में राहत मिलती थी, लेकिन भुगतान रुकने के बाद अब उन्हें पूरा खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है। महंगे इलाज के कारण कई परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
लाभार्थी अस्पतालों और संबंधित विभागों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल “बजट नहीं आया” कहकर लौटा दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के पास भी इस संबंध में कई शिकायतें पहुंची हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि एक मई से योजना को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा और जल्द ही बकाया राशि जारी की जाएगी।उधर, हिमाचल प्रदेश की हिमकेयर योजना में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई निजी अस्पतालों ने नियमों को दरकिनार कर खुद ही हिमकेयर कार्ड बना दिए और फर्जी बिलों के जरिए सरकार से पैसा वसूला। कई मामलों में बिना इलाज या भर्ती के ही क्लेम उठाए गए।इस मामले में 35 निजी अस्पताल जांच के दायरे में हैं। विजिलेंस विभाग ने रिकॉर्ड कब्जे में लेकर 8 सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जो दस्तावेजों की जांच और अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है। सरकार ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं, जिससे स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।