दैनिक खबरनामा । श्रीनगर, 8 जुलाई: दक्षिण कश्मीर में आतंकी ढांचे को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों ने पांच दिन तक चले ऑपरेशन के बाद लश्कर-ए-तैयबा के A++ श्रेणी के शीर्ष कमांडर जाकिर गनई को शोपियां के सैदपोरा इलाके में मार गिराया। 4 जुलाई से शुरू हुआ यह अभियान शनिवार को खत्म हुआ। जाकिर के साथ मौजूद दूसरा आतंकी लतीफ भट अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर है।

जाकिर उन 14 आतंकियों में शामिल था जिनके नाम अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने सार्वजनिक किए थे।

कुलगाम से शोपियां तक का सफर

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार जाकिर गनई कुलगाम जिले के मुतलहामा गांव का रहने वाला था। वह 2024 से लश्कर से जुड़ा था। पहले वह ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करता था। बाद में वह हथियार चलाने वाला सक्रिय आतंकी बन गया। उस पर हत्या, हत्या की साजिश, हथियारों की तस्करी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप थे।

एनआईए ने घोषित किया था भगोड़ा

पिछले कई महीनों से जाकिर फरार था। एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई बार दबिश दी लेकिन वह चकमा देकर निकल जाता था। कोर्ट और पुलिस स्टेशन से आए समन का भी उसने जवाब नहीं दिया। अक्टूबर 2025 में एनआईए की विशेष अदालत ने उसे सीआरपीसी के तहत भगोड़ा घोषित कर दिया था। एजेंसी अब उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया में थी। जाकिर पर यूएपीए के तहत भी मामला दर्ज है।

पांच दिन कैसे चला ऑपरेशन

शुक्रवार को सेना की निगरानी में मीमंदर के एक बाग में जाकिर और लतीफ की आवाजाही दिखी। इसके बाद शनिवार शाम को सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसऔजी और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र को घेर लिया। जवानों के नजदीक आते ही आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।

बाग घना होने और रात का अंधेरा होने की वजह से रात में अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। भागने के रास्ते बंद करने के लिए विक्टर फोर्स के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए। पूरी रात रोशनी की व्यवस्था कर निगरानी रखी गई। पांच दिन की घेराबंदी के बाद जाकिर मारा गया। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं।

क्यों अहम है यह सफलता

पहलगाम हमले से जुड़ाव: जाकिर का नाम पहलगाम हमले के बाद जारी आतंकियों की सूची में था।

स्थानीय नेटवर्क को चोट: सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जाकिर जैसे स्थानीय कमांडर ही युवाओं को भर्ती करते हैं और आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता देते हैं। उसके मारे जाने से लश्कर का स्थानीय तंत्र कमजोर होगा।

रणनीतिक इलाका: शोपियां दक्षिण कश्मीर को पीर पंजाल से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां आतंकियों का सफाया सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है।

लतीफ भट पिछले साल ही लश्कर से जुड़ा था और अब सुरक्षा बल उसकी तलाश में जुटे हैं। एनआईए ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास जाकिर के नेटवर्क से जुड़ी कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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