दैनिक खबरनामा। जम्मू, 27 अक्टूबर: जम्मू के शिव मार्केट में लगी आग ने दुकानदारों की सालों की मेहनत और जमा पूंजी को खाक कर दिया। किसी की दुकान उजड़ गई तो किसी के परिवार की रोजी-रोटी का सहारा छिन गया। आंखों के सामने सब कुछ जलता देख चुके व्यापारी अब सरकार की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।

उनकी मांग है कि उनके नुकसान का आंकलन किया जाए, मुआवजा दिया जाए और उजड़े कारोबार को फिर से खड़ा करने में मदद की जाए। लेकिन दुकानदारों का आरोप है कि हादसे के दो दिन बीत जाने के बाद भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री या प्रदेश सरकार का कोई मंत्री उनका हाल जानने नहीं पहुंचा। ऐसे में पीड़ितों के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि ये जम्मू है सरकार, यहां के लोगों के आंसू क्यों नहीं दिखते।

30 से ज्यादा दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

जम्मू रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित शिव मार्केट में रविवार रात लगी भीषण आग ने कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। 30 से अधिक दुकानें जलने से व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि दुकानदारों के मुताबिक उन्हें अब तक किसी ठोस पहल का इंतजार है।

बस पर पथराव हुआ तो सीएम ने तुरंत दी थी प्रतिक्रिया

शिव मार्केट के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि हरियाणा में पार्किंग विवाद के दौरान कश्मीर की एक बस पर पथराव की घटना सामने आई थी तो मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने फौरन घटना की निंदा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए हरियाणा सरकार से कार्रवाई करने की मांग भी की थी।

इसके बाद हरियाणा पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दुकानदारों का सवाल है कि जब एक बस पर पथराव की घटना पर मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रतिक्रिया दी तो जम्मू में इतने बड़े अग्निकांड के बाद प्रभावित व्यापारियों को राहत देने के लिए वैसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई।

उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ दुकानों के जलने का नहीं बल्कि उन परिवारों के भविष्य का भी है जिनकी आजीविका पूरी तरह कारोबार पर टिकी थी।

श्रीनगर में होता तो अब तक सरकार पहुंच जाती

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना के करीब 24 घंटे बाद सोशल मीडिया पर दुख जताया, लेकिन प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि सिर्फ शोक जताने से उनका नुकसान पूरा नहीं होगा। उन्हें इस वक्त आर्थिक मदद, नुकसान का आंकलन और कारोबार दोबारा शुरू करने के लिए सरकारी सहयोग की जरूरत है।

पीड़ित दुकानदार अशोक कुमार का कहना है कि अगर ऐसी घटना कश्मीर संभाग, खासकर श्रीनगर में हुई होती तो सरकार का पूरा सिस्टम एक्टिव हो जाता और प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाए जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू के व्यापारियों की पीड़ा को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

पाक समर्थित हवाला जाल पर बड़ी चोट, जम्मू-कश्मीर में तीन लोग गिरफ्तार

दैनिक खबरनामा। जम्मू 31 मई: कठुआ में आतंकी गतिविधियों को आर्थिक सहायता…
Share to :

तीसरे दिन भी नहीं थमी सफाई कर्मियों की हड़ताल, शहरों में बढ़ी गंदगी से जनजीवन प्रभावित

दैनिक खबरनामा। ऊधमपुर, 31 मई : नगर परिषद और नगर पालिका के…
Share to :

जम्मू-श्रीनगर के लिए तीसरी वंदे भारत, नवरात्र में शुरू होने की संभावना, जानें रूट, समय और संभावित किराया

दैनिक खबरनामा। जम्मू, 21 अगस्त:  जम्मू-कश्मीर आने-जाने वाले यात्रियों को जल्द एक…
Share to :

जम्मू-कश्मीर SI भर्ती: ओवरएज अभ्यर्थियों को बड़ा झटका, CAT ने आयु सीमा में छूट की मांग ठुकराई

दैनिक खबरनामा | जम्मू, 1 जून : जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (एसआई)…
Share to :