दैनिक खबरनामा। जम्मू, 4 जुलाई: जम्मू-कश्मीर में आतंक और अलगाववाद के प्रभाव से बाहर निकल रही नई पीढ़ी के सामने अब एक विवादित किताब के जरिए फिर से उसी सोच को परोसने के आरोप लगे हैं। समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरियों में भेजी गई एक पुस्तक में आतंकी मकबूल भट्ट को ‘शहीद’ और कई अलगाववादी नेताओं को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ करार दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को सार्वजनिक किया और सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ पुस्तक खरीद प्रक्रिया में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
फोरम के उप-प्रधान रघु मेहता और ट्रस्टी दीपक कपूर के अनुसार, “जम्मू-कश्मीर की महान व दिग्गज हस्तियां” नाम की यह किताब निजी प्रकाशन संस्थान ओबराय बुक्स सर्विस द्वारा छापी गई है। इसके लेखक हिलाल अहमद और संतोष मीणा बताए गए हैं।
किताब में क्या लिखा है
फोरम ने बताया कि पुस्तक में मकबूल भट्ट पर एक पूरा अध्याय है। उसमें भारत को ‘आक्रांता’ कहा गया है और यह दावा किया गया है कि मकबूल ने कश्मीर की आजादी के लिए कुर्बानी दी। मकबूल भट्ट को ‘शहीद-ए-आजम’ की उपाधि दी गई है।
किताब में सीआईडी इंस्पेक्टर अमर चंद और एक भारतीय राजनयिक की हत्या के मामले में दोषी पाए गए मकबूल भट्ट को 11 फरवरी 1984 को फांसी दिए जाने का भी जिक्र है।
इसके अलावा सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम, मीरवाइज उमर फारूक और मौलवी फारूक जैसे अलगाववादी चेहरों को भी ‘कश्मीर के स्वतंत्रता सेनानी’ के रूप में दर्शाया गया है।
सरकार पर उठे सवाल
दीपक कपूर ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने इस पुस्तक को खरीदा और इसे प्रदेश भर के सभी सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी तक पहुंचाया गया।
पीपुल्स फोरम ने मांग की है कि इस खरीद के पीछे किसकी मंजूरी थी, इसकी जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।