दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 1 अगस्त: देश के प्रमुख अस्पताल समूह मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का 960.4 मिलियन डॉलर (करीब 8,000 करोड़ रुपये) का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बोली प्रक्रिया के अंतिम दिन ओवरसब्सक्राइब हो गया। हालांकि, कंपनी के ऊंचे मूल्यांकन (वैल्यूएशन) को लेकर चिंताओं के कारण खुदरा निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कमजोर रही, जबकि संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में जबरदस्त रुचि दिखाई।
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, तीन दिन की बोली अवधि के अंत तक IPO को कुल 44.31 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बिक्री के लिए 9.01 करोड़ शेयर ही उपलब्ध थे। इस तरह यह इश्यू कुल मिलाकर ओवरसब्सक्राइब हो गया।
सबसे अधिक उत्साह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के बीच देखने को मिला। इस श्रेणी में निवेशकों ने उपलब्ध हिस्से की तुलना में 8.25 गुना आवेदन किए। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का कोटा 1.02 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा केवल 0.93 गुना ही भर सका।
मणिपाल हेल्थ, जिसमें सिंगापुर की निवेश कंपनी टेमासेक की भी हिस्सेदारी है, बिस्तरों की क्षमता के आधार पर भारत का सबसे बड़ा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्क है। कंपनी देशभर में 49 अस्पतालों का संचालन करती है, जिनमें 13,000 से अधिक बेड उपलब्ध हैं।
ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन के अनुसार, IPO के ऊपरी प्राइस बैंड 560 से 590 रुपये प्रति शेयर पर कंपनी का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2025-26 की अनुमानित आय के मुकाबले 84.65 गुना बैठता है। यह उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियों से अधिक है। तुलना करें तो अपोलो हॉस्पिटल्स, फोर्टिस हेल्थकेयर और मैक्स हेल्थकेयर का मूल्यांकन लगभग 66.15 गुना से 74.55 गुना के बीच है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग कंपनी के कारोबार और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की दीर्घकालिक संभावनाओं में भरोसा दर्शाती है। वहीं, ऊंचे वैल्यूएशन के कारण खुदरा निवेशकों ने निवेश के मामले में सतर्क रुख अपनाया।