दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 9 अगस्त:  समान अधिसूचना के तहत ली गई जमीन के लिए मुआवजे की दर एक जैसी होनी चाहिए, इस सिद्धांत को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के कुछ किसानों को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए इन किसानों के लिए मुआवजे की राशि में इजाफा कर दिया।

7 अगस्त को आए फैसले में जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि इस अधिसूचना से जुड़े अन्य मामलों में पहले ही 6.5 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय हो चुका है और उसे बरकरार भी रखा गया है। लिहाजा अपील करने वाले किसानों को भी इसी दर से भुगतान किया जाए।

क्या है पूरा मामला

यह विवाद 11 फरवरी 1999 को जारी अधिसूचना से जुड़ा है। इसके तहत कर्नाटक के बागलकोट जिले में जमीन अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने पहले अवार्ड जारी किया, जिसके बाद 2001 में संदर्भ न्यायालय ने मुआवजा 3 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया था।

किसान इस राशि से संतुष्ट नहीं थे और हाई कोर्ट गए। हाई कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दिया। इसके बाद किसान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। उन्होंने दलील दी कि इसी अधिसूचना से प्रभावित अन्य जमीनों के लिए पहले ही 6.5 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा स्वीकृत हो चुका है, इसलिए उन्हें भी बराबर राशि मिलनी चाहिए।

राज्य सरकार और भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि किसानों ने अपील दाखिल करने में बहुत देरी की है। हाई कोर्ट ने भी इस देरी को असामान्य माना था।

देरी के बावजूद मिली राहत, ब्याज नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद पाया कि समान अधिसूचना वाले दूसरे प्रकरणों में 6.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर पहले से लागू है। समानता के सिद्धांत पर कोर्ट ने अपीलकर्ताओं पर भी वही दर लागू करने का आदेश दिया।

पीठ ने माना कि हाई कोर्ट में अपील करने में 2383 दिन और सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करने में 2044 दिन की देरी हुई, यानी कुल 4427 दिन। देरी को देखते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस पूरी अवधि का ब्याज किसानों को नहीं दिया जाएगा।

अंत में कोर्ट ने मुआवजे को 5 लाख से बढ़ाकर 6.5 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का निर्देश दिया, ताकि समान मामलों में भेदभाव न रहे।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

ममता बनर्जी के खिलाफ देशद्रोह की शिकायत, गिरफ्तारी की मांग; हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी

दैनिक खबरनामा। सिलीगुड़ी, 4 जून 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी…
Share to :

पुणे में Wipro पर धर्मांतरण और उत्पीड़न के आरोप, FIR के बाद कंपनी को नोटिस; जांच में SIT की मदद लेने की तैयारी

दैनिक खबरनामा। पुणे, 5 जून 2026: पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित विप्रो कार्यालय…
Share to :

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को मिली अनुमति, CJP ने साधा शिक्षा मंत्री पर निशाना

दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 6 जून 2026: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने…
Share to :

बंगाल में TMC नेताओं पर कार्रवाई तेज: किसी का मुंडवाया सिर, कोई साड़ियों के ढेर में छिपा मिला; पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन भी गिरफ्तार

दैनिक खबरनामा। कोलकाता, 7 जून 2026: पश्चिम बंगाल में विभिन्न आपराधिक और…
Share to :