कोलकाता (दैनिक खबरनामा) 3 जून: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर संभावित असंतोष और टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी से निष्कासित दो विधायकों—ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा—ने दावा किया है कि उन्हें 59 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और उनके हस्ताक्षर भी उनके पास मौजूद हैं।
दोनों नेताओं का कहना है कि वे खुद को “वास्तविक टीएमसी विधायक समूह” का प्रतिनिधि मानते हैं और विधानसभा में अलग गुट के गठन की दिशा में कदम उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपने नए समूह को मान्यता देने की मांग कर सकते हैं।
इस बीच, कई अन्य टीएमसी विधायकों के विधानसभा पहुंचने की खबरों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें बनी हुई हैं।
हालांकि, अब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी के भीतर वास्तव में कितनी बड़ी नाराजगी है और इसका राजनीतिक असर किस रूप में सामने आएगा।
फिलहाल, पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता और अटकलों का दौर जारी है।