छत्तीसगढ़ 16 जनवरी(दैनिक खबरनामा)छत्तीसगढ़ बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। जिले में 52 माओवादियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया।आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।आत्मसमर्पण करने वालों में 21 महिला और 31 पुरुष माओवादी कैडर शामिल हैं,जो DKSZC,AOB डिवीजन और भामरागढ़ एरिया कमेटी से जुड़े हुए थे। इन सभी कैडरों ने सरकार की ‘पूना मारगेम’आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।प्रशासन की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है, साथ ही उन्हें पुनर्वास से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 824 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं,जो नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।यह सफलता सुरक्षा बलों की निरंतर और संयुक्त कार्रवाई का परिणाम है।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें,सरकार आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।बीजापुर में हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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