हरियाणा 22 जनवरी (जगदीश कुमार ) पंचकूला नगर निगम के महापौर पद की सीट जैसे ही इस बार जनरल कैटेगरी के लिए घोषित हुई, शहर की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई। बुधवार को स्थानीय निकाय विभाग द्वारा ड्रॉ प्रक्रिया पूरी होते ही सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर सरगर्मी तेज हो गई और संभावित उम्मीदवारों की दौड़ खुलकर सामने आ गई।जनरल सीट घोषित होते ही भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। अपने पिछले कार्यकाल में लगभग 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दावा करने वाले गोयल इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर दोबारा सत्ता में वापसी की तैयारी में जुट गए हैं। पार्टी के अंदरखाने में भी उन्हें सबसे मजबूत प्रत्याशी माना जा रहा है और शीर्ष नेतृत्व से उनके करीबी संबंध बताए जा रहे हैं।हालांकि भाजपा में टिकट को लेकर मुकाबला कड़ा है। समाजसेवी प्रदीप गोयल, पार्टी प्रवक्ता रंजीता मेहता, शाम लाल बंसल और अनिल थापर भी मेयर पद के लिए दावेदारी जता रहे हैं। ऐसे में अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर ही तय होना है।कांग्रेस में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व नगर परिषद प्रधान रविंद्र रावल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सुधा भारद्वाज और पूर्व पार्षद सलीम खान ने जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता बढ़ा दी है।आम आदमी पार्टी की ओर से अंबाला लोकसभा अध्यक्ष सुरेंद्र राठी, जिला प्रधान राजीव मनोचा और जॉइनिंग कमेटी के अध्यक्ष अनिल पंगोत्रा मैदान में उतर चुके हैं। वहीं जननायक जनता पार्टी भी पीछे नहीं है। जिला अध्यक्ष ओपी सिहाग को मेयर पद का उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारियां अंतिम चरण में बताई जा रही हैं।उधर, वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही पार्षद पद के दावेदार भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर आए हैं। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक प्रचार तेज हो गया है। साफ है कि इस बार पंचकूला नगर निगम चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक जंग का रूप लेने जा रहा है।
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