नई दिल्ली 10 जनवरी (दैनिक खबरनामा)नई दिल्ली अगर आप अक्सर स्लीपर बसों में लंबी दूरी का सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्लीपर बसों में होने वाले हादसों, खासकर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों को और सख्त कर दिया है।अब कोई भी मनमाने तरीके से स्लीपर बसों का निर्माण नहीं कर सकेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि स्लीपर बसों का निर्माण केवल नामी वाहन कंपनियां या सरकार से मान्यता प्राप्त फैक्ट्रियां ही करेंगी। नितिन गडकरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।सरकार ने बसों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी पूरी तरह अपने हाथ में ले ली है। नए नियमों के तहत न सिर्फ नई बसों, बल्कि सड़कों पर पहले से चल रही पुरानी स्लीपर बसों में भी अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं।अब पुरानी स्लीपर बसों में भी फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाना जरूरी होगा, ताकि आग लगते ही समय रहते चेतावनी मिल सके। इसके साथ ही इमरजेंसी गेट, शीशे तोड़ने के लिए हथौड़े, रात के समय के लिए विशेष रोशनी और ड्राइवर की नींद या थकान का पता लगाने वाला ‘ड्रोज़ीनेस इंडिकेटर’ (Drowsiness Indicator) भी अनिवार्य किया गया है।सरकार का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने से स्लीपर बसों में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा दोनों मजबूत होंगे।
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