शिमला 1 जनवरी (दैनिक खबरनामा)केंद्र सरकार के हालिया फैसलों के चलते हिमाचल प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। प्रदेश में संचालित लगभग 500 दवा कंपनियों के बंद होने की आशंका जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो सीधे तौर पर करीब 50 हजार लोगों का रोजगार प्रभावित होगा। इसके साथ ही जुकाम-बुखार से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों तक की दवाओं की उपलब्धता पर भी असर पड़ने की संभावना है।हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख फार्मास्यूटिकल हब में शामिल है बद्दी,बरोटीवाला, नालागढ़, पांवटा साहिब और ऊना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में सैकड़ों दवा कंपनियां संचालित हैं, जो देशभर को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराती हैं। उद्योग संगठनों का कहना है कि नए नियमों और नीतिगत बदलावों के चलते छोटे और मझोले फार्मा यूनिट्स के लिए उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो गया है।
सवाल-जवाब में समझिए पूरा मामलासवाल: हिमाचल की फार्मा इंडस्ट्री पर संकट क्यों आया? जवाब केंद्र सरकार द्वारा दवा निर्माण से जुड़े नियमों में सख्ती, लाइसेंस नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों में अचानक बदलाव और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। छोटे उद्योग इन शर्तों को पूरा करने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहे हैं।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

हिमाचल चुनावी तैयारियां तेज कांग्रेस की अहम बैठक आज, पंचायत से निगम तक रणनीति पर मंथन

दैनिक खबरनामा 16 अप्रैल 2026 हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत और नगर…
Share to :

सिरमौर में बड़ा बस हादसा, 8 यात्रियों की मौत, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

हिमाचल प्रदेश 9 जनवरी (दैनिक खबरनामा) हिमाचल के सिरमौर जिले में एक…
Share to :

शिमला में फर्जी गोल्ड लोन घोटाला नकली गहने गिरवी रखकर 34.73 लाख की ठगी, छह पर केस दर्ज

दैनिक खबरनामा 20 अप्रैल 2026 हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में नकली…
Share to :

हरियाणा के 46 शहरों में घर खरीदना हुआ महंगा, बाह्य विकास शुल्क में 10% बढ़ोतरी लागू

हरियाणा 17 जनवरी (दैनिक खबरनामा) हरियाणा में फ्लैट और प्लॉट खरीदने वालों…
Share to :