दैनिक खबरनामा | नकोदर, 28 अक्टूबर 2026. पंजाब की महिलाओं को 1 नवंबर को एक बार फिर ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत आर्थिक सहायता की अगली किस्त मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को जालंधर जिले के नकोदर विधानसभा क्षेत्र के गांव सरींह में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के पैसे को जनता की भलाई पर खर्च करने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि पिछली सरकारों ने सरकारी खजाने को अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया।

मुख्यमंत्री ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां आम लोगों को राहत देने वाली योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करने के बजाय विपक्षी दलों को जनता को मिल रही राहत की सराहना करनी चाहिए। मान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा उन्हें सत्ता से हटाने के लिए एक-दूसरे के साथ मिलीभगत कर रही हैं, क्योंकि उन्हें एक आम परिवार से आए व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना रास नहीं आ रहा।
साढ़े चार साल में 70,862 सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े चार वर्षों में युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,862 सरकारी नौकरियां दी हैं। भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश और भ्रष्टाचार की संस्कृति को खत्म कर पारदर्शिता तथा समान अवसर सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को झूठे वादों की नहीं, बल्कि रोजगार के वास्तविक अवसरों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जिसमें किसी युवा का भविष्य राजनीतिक पहुंच या पैसे के बजाय उसकी मेहनत और योग्यता से तय हो। आम परिवारों के युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने से व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।

गरीब परिवारों के बच्चे बन रहे डॉक्टर और इंजीनियर
शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में उनकी सरकार बनने के समय पंजाब शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था, जबकि केंद्र सरकार के आकलन के अनुसार राज्य अब प्राथमिक शिक्षा में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड, सिंगापुर और भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भेजा जा रहा है। स्कूल ऑफ एमिनेंस के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मान ने कहा कि वर्ष 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है। उन्होंने कहा कि रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और सब्जी विक्रेताओं के बच्चे भी अब डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो किसी परिवार की आर्थिक स्थिति बदलकर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार सकती है।
करीब 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के करीब 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे हैं। इससे आम परिवारों को आर्थिक राहत मिली है और वे बिजली बिल पर बचने वाले पैसे का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों तथा अन्य जरूरी खर्चों पर कर सकते हैं।
उन्होंने पात्र परिवारों से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की अपील भी की। उनके अनुसार, अब तक करीब 54 लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी परिवार के इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए और हर व्यक्ति को सम्मान के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।
किसानों के खेतों तक पहुंचाया जा रहा नहरी पानी
कृषि और सिंचाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नहरी पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन और सिंचाई नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उनके मुताबिक, करीब 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक 18,000 क्यूसेक पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे भूजल पर निर्भरता कम करने और किसानों को पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने अपनी मेहनत से देश का पेट भरा है और वे ऐसी सरकार के हकदार हैं, जो उनके हितों की रक्षा करे। राज्य के जल संसाधनों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है।
25 साल राज करने का दावा करने वाले अकाली आज समर्थन जुटाने में नाकाम: मान
अकाली दल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता कभी पंजाब पर 25 साल राज करने का दावा करते थे, वे आज जनता का समर्थन जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन की कोशिशों पर भी सवाल उठाए और कहा कि पहले किसानों के खिलाफ होने का आरोप लगाने वाली पार्टी के साथ अब नजदीकियां बढ़ाई जा रही हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल पंजाब के भविष्य के लिए ठोस दृष्टिकोण पेश करने के बजाय आपसी खींचतान और राजनीतिक जोड़-तोड़ में उलझे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं के सशक्तीकरण, सस्ती बिजली और सिंचाई सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है।