दैनिक खबरनामा ब्यूरो। ह्यूस्टन, 13 जून : उत्साहपूर्ण गीतों और वुवुजेला की कर्कश ध्वनि ने अमेरिका के ह्यूस्टन में लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआर कांगो) की टीम के प्रशिक्षण शिविर को पूरी तरह अफ्रीकी रंग में रंग दिया है। समर्थकों को विश्वास है कि उनकी टीम फीफा विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करेगी और उनके पास पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए भी एक संदेश है।
डीआर कांगो बुधवार को ह्यूस्टन में पुर्तगाल के खिलाफ अपने ग्रुप-के अभियान की शुरुआत करेगा। इसके साथ ही टीम 52 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी करेगी। इससे पहले टीम ने 1974 में ज़ैरे के नाम से विश्व कप में हिस्सा लिया था।
उस समय ज़ैरे का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टीम अपने तीनों मुकाबले हार गई थी, एक भी गोल नहीं कर सकी थी और उसके खिलाफ कुल 14 गोल हुए थे। लेकिन इस बार प्रशंसकों को पूरा भरोसा है कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। ग्रुप में पुर्तगाल के अलावा कोलंबिया और उज्बेकिस्तान की टीमें भी शामिल हैं।
40 वर्षीय समर्थक दादा मुजिंगा ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। यह बहुत लंबे समय का इंतजार रहा है। मेरी उम्र 40 साल है, लेकिन मैंने कभी अपने देश को विश्व कप में खेलते नहीं देखा। मैं बेहद उत्साहित हूं और मुझे विश्वास है कि यह अनुभव बहुत शानदार रहने वाला है।”
मुजिंगा लाल रंग के बालों वाला जोकर का मुखौटा पहने हुए थे। उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए संदेश देते हुए कहा, “यह संदेश क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए है। हमें कोई पेनाल्टी नहीं चाहिए और न ही कोई लाल कार्ड। हम चाहते हैं कि मैच अंत तक निष्पक्ष तरीके से खेला जाए। उसके बाद देखेंगे कि जीत किसकी होती है।”
24 वर्षीय स्थानीय शिक्षक क्लाउड बायरिंगिरो भी खिलाड़ियों के अभ्यास को बड़े ध्यान से देख रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से टीम का अनुसरण करता हूं और यह देखकर बहुत उत्साहित हूं कि यह सब ह्यूस्टन में हो रहा है। मुझे लगता है कि हमारे पास एक मजबूत टीम है और खिलाड़ियों के बीच तालमेल लगातार बेहतर हो रहा है। उम्मीद है कि इस बार हम टूर्नामेंट में काफी आगे तक जाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “ये वही खिलाड़ी हैं जिन्हें देखकर हम बड़े हुए हैं। अब उन्हें अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सामने देखना एक अविश्वसनीय अनुभव है। जिस तरह वे गेंद को नियंत्रित करते हैं और पास देते हैं, वह अद्भुत है। यह सब अभी भी किसी सपने जैसा लग रहा है। मैं इन यादों को संजोने के लिए लगातार वीडियो बना रहा हूं।”
जब समर्थकों से पूछा गया कि कांगो की टीम इस प्रतियोगिता में कितनी दूर तक जा सकती है, तो भीड़ से जोरदार आवाज आई, “सीधे फाइनल तक!” इसके बाद वहां मौजूद प्रशंसकों ने जोरदार तालियों और नारों के साथ अपनी खुशी जाहिर की।
देश में इबोला बीमारी के प्रकोप जैसी चुनौतियों के बीच डीआर कांगो की विश्व कप में भागीदारी देशवासियों के लिए खुशी और उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर उभरी है। यह उपलब्धि पूरे देश को एकजुट करने और लोगों में नया उत्साह भरने का काम कर रही है।