दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 3 नवंबर 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मोहाली में 801 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें दिवाली का तोहफा दिया। इन नियुक्तियों के साथ ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में सरकारी नौकरियां प्राप्त करने वाले युवाओं की कुल संख्या 71,777 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में सरकारी नौकरियां बिना किसी सिफारिश, रिश्वत या भेदभाव के पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं। उन्होंने ऐलान किया कि अगले सप्ताह 600 और युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का भर्ती का सिद्धांत ‘न कैश, न फरमाइश’ है और अब तक 71,777 युवाओं को सरकारी नौकरियां देने के बावजूद एक रुपये की रिश्वत लेने की भी कोई शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वह भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का एक भी मामला सामने लाकर दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में सरकारी नौकरियां पैसे, सिफारिश और रिश्वत के जरिए बेची जाती थीं, जबकि भर्ती प्रक्रियाएं अदालतों में वर्षों तक लंबित रहती थीं और उम्मीदवारों की उम्र सीमा निकल जाती थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मोहाली में 801 नवनियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 71,777 से अधिक युवाओं को पूरी तरह निशुल्क और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के कारण पंजाब प्राथमिक शिक्षा में देशभर में पहले स्थान पर पहुंचा है। सरकार का उद्देश्य हर घर में रोजगार और खुशहाली लाकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ पंजाब के लोगों की सेवा करने का आह्वान किया।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह उनके खिलाफ आरोप लगा रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि वे उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप साबित करें या राजनीति छोड़ दें। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे विकास और जनकल्याण के कार्यों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने निजी हितों की राजनीति करके पंजाब को आर्थिक और सामाजिक बदहाली की ओर धकेला। उन्होंने कहा कि इन दलों के नेता उन्हें बदनाम करने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं, क्योंकि वे यह स्वीकार नहीं कर पा रहे कि एक आम परिवार से आया व्यक्ति बिना किसी राजनीतिक विरासत के आम लोगों के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विपक्ष के आरोपों का जवाब अपने काम, उपलब्धियों और आम परिवारों के चेहरों पर आई मुस्कान से देगी।
मुख्यमंत्री ने अकाली नेतृत्व पर अपने शासनकाल में खनन सहित लाभदायक कारोबारों पर कब्जा करने और सरकारी संसाधनों का निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक पंजाब को लूटा, वे आज ईमानदारी की बातें कर रहे हैं। उन्होंने अकाली दल के पुराने दावों पर तंज कसते हुए कहा कि कभी यह पार्टी 25 साल पंजाब पर राज करने की बात करती थी, लेकिन आज उसे अपनी पार्टी में 25 भरोसेमंद नेता ढूंढने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन 801 परिवारों के लिए ऐतिहासिक और भावुक है। इन युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से सरकारी नौकरी हासिल कर अपने परिवारों का सपना पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ये नियुक्ति पत्र महज कागज के टुकड़े नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीद, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पंजाब के युवाओं का भविष्य उनकी योग्यता तय करेगी, न कि राजनीतिक पहुंच या पैसा।
मुख्यमंत्री ने सरकारी खजाने को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार का प्रत्येक कार्य जनकल्याण के लिए किया जा रहा है। सरकारी खजाना पंजाब के लोगों का है और इसका एक-एक पैसा जनता की भलाई पर खर्च किया जा रहा है। पिछली सरकारों के नेता सरकारी खजाने को अपनी निजी संपत्ति समझते थे, जबकि उनकी सरकार खुद को जनता के पैसे का संरक्षक मानती है।
उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में सहायक पदों पर लगभग 600 और भर्ती के अवसर पहले ही सृजित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देते हुए यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी करने और आईएएस तथा आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है, ताकि आम और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे देश की प्रशासनिक व्यवस्था में उच्च पदों तक पहुंच सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल को भी पीछे छोड़कर देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। यह बदलाव हर बच्चे को सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
सिंचाई व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नहरी प्रणाली का बड़े स्तर पर कायाकल्प किया है। अब उन खेतों तक भी नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है, जो दशकों से इस सुविधा से वंचित थे। मजबूत किए गए नहरी नेटवर्क के माध्यम से लगभग 18,000 क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंच रहा है, जो पूरी भाखड़ा नहर की क्षमता के बराबर है। इससे भूजल पर निर्भरता कम हुई है और कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में एक से पांच मीटर तक सुधार दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार नहरी व्यवस्था को बहाल कर खेतों की टेल तक पानी पहुंचा रही है। यह केवल सिंचाई व्यवस्था में सुधार नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए निवेश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्रों में एक साथ सुधार करते हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जारी हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वस्तरीय खेल बुनियादी ढांचे और उभरती प्रतिभाओं को अवसर देकर पंजाब की खेल परंपरा को फिर से मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार खेलों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें नशों तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार राजनीतिक पक्षपात से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करने और पंजाब के लिए खुशहाल भविष्य बनाने का प्रयास जारी रखेगी।