दैनिक खबरनामा 9 मई 2026 शिमला हिमाचल प्रदेश में डिजिटल भुगतान का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की नकदी पर निर्भरता लगातार कम होती जा रही है। अब छोटे-छोटे भुगतान भी मोबाइल फोन के जरिए किए जा रहे हैं और यही वजह है कि एटीएम से नकदी निकालने का औसत लगातार घट रहा है।
National Payments Corporation of India और एसबीआई रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली ने लोगों की आर्थिक आदतों को तेजी से बदल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में प्रति एटीएम मासिक औसत नकदी वितरण वित्त वर्ष 2023 में 1.21 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024 में घटकर 1.12 करोड़ रुपये रह गया। वहीं वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में यह आंकड़ा करीब 1.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।रिपोर्ट में बताया गया है कि मार्च 2026 तक प्रदेश में 100 रुपये के नोटों की मांग में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 200 और 500 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी में गिरावट आई है। बैंकिंग अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव प्रदेश की बदलती आर्थिक संस्कृति का संकेत है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रभारी Deepak Kumar ने कहा कि सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच ने डिजिटल भुगतान को आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बना दिया है। हालांकि उन्होंने साइबर धोखाधड़ी को लेकर सतर्क रहने की भी अपील की।अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुकानदार क्यूआर कोड के जरिए भुगतान ले रहे हैं। पर्यटन स्थलों पर होटल, टैक्सी और रेस्तरां में भी यूपीआई सबसे पसंदीदा भुगतान विकल्प बन चुका है। इससे छुट्टे पैसों की परेशानी भी काफी हद तक खत्म हो गई है।