दैनिक खबरनामा | नाहन, 1 जून : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में संपन्न जिला परिषद चुनावों में इस बार कई उच्च शिक्षित युवा चेहरे जीतकर सामने आए हैं। इनमें श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के दानाघाटो जिला परिषद वार्ड-2 से भाजपा प्रत्याशी अंकिता ठाकुर की जीत विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। बेंगलुरु की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में करीब एक दशक तक कार्य करने के बाद अंकिता कुछ माह पहले ही अपने गृह क्षेत्र लौटी थीं और पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं।
37 वर्षीय अंकिता ठाकुर ने जेपी यूनिवर्सिटी वाकनाघाट से कंप्यूटर साइंस में बीटेक तथा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में एमबीए की डिग्री प्राप्त की है। उच्च शिक्षा और कॉर्पोरेट क्षेत्र का लंबा अनुभव रखने वाली अंकिता को भाजपा ने उनकी राजनीतिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि को देखते हुए चुनावी मैदान में उतारा था।
राजनीतिक परिवार से है संबंध
अंकिता ठाकुर का परिवार लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उनके दादा सहीराम ठाकुर पंचायत समिति संगड़ाह के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उनके पिता बलवीर सिंह ठाकुर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं।
10,939 वोट हासिल कर दर्ज की बड़ी जीत
दानाघाटो जिला परिषद वार्ड से चुनाव लड़ते हुए अंकिता ठाकुर ने कुल 10,939 मत प्राप्त किए। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राधा देवी को 3,222 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। राधा देवी को कुल 7,717 वोट मिले।
श्रीरेणुकाजी में भाजपा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र को परंपरागत रूप से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। यहां अधिकांश समय कांग्रेस के विधायक ही निर्वाचित होते रहे हैं। हालांकि इस बार जिला परिषद चुनावों में भाजपा ने नया इतिहास रचते हुए क्षेत्र के तीनों जिला परिषद वार्डों पर जीत दर्ज की है। यह पहली बार है जब श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र से तीनों जिला परिषद सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं।
अंकिता ठाकुर की जीत को क्षेत्र में युवाओं, शिक्षित नेतृत्व और स्थानीय राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।