दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़ | 3 जून 2026. पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। राज्यभर के सरकारी विद्यालयों से कुल 59 विद्यार्थियों ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है। पिछले वर्ष 44 विद्यार्थियों के चयन की तुलना में यह आंकड़ा करीब 34 प्रतिशत अधिक है।
इस उपलब्धि को शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम सरकारी शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रतिफल है।
जिला स्तर पर देखें तो पटियाला ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 11 सफल अभ्यर्थी दिए हैं। इसके बाद संगरूर से 7 विद्यार्थी चयनित हुए। लुधियाना, फिरोजपुर और एसएएस नगर से 6-6 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता हासिल की। फतेहगढ़ साहिब से 5, अमृतसर और जालंधर से 4-4, बठिंडा और गुरदासपुर से 3-3, फाजिल्का से 2 तथा रूपनगर और होशियारपुर से एक-एक विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड में सफल रहे।
शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, मॉक टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी समान अवसर मिल रहे हैं।
इस सफलता के पीछे कई प्रेरणादायक कहानियां भी सामने आई हैं। होशियारपुर के स्कूल ऑफ एमिनेंस भगपुर सटौर की छात्रा प्रिया भारद्वाज ने सीमित संसाधनों के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की। परिवार की आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और अब इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रही हैं।
इसी तरह एसएएस नगर के स्कूल ऑफ एमिनेंस मुल्लांपुर के प्रभजोत सिंह ने भी कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता प्राप्त की। मजदूरी करने वाले पिता और गृहिणी मां के बेटे प्रभजोत का सपना इंजीनियर बनकर अपने परिवार को बेहतर जीवन देना है।
फतेहगढ़ साहिब के स्कूल ऑफ एमिनेंस अमलोह के विद्यार्थी हर्ष माधव ने भी परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराई गई कोचिंग और नियमित अभ्यास परीक्षाओं ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। उनका लक्ष्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिला लेकर तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के परिणाम यह दर्शाते हैं कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का यह एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।