दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 3 जून : पंजाब भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का संकेत दिया है। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में भाजपा ने ‘मिशन-2027’ का शंखनाद कर दिया है और चुनावी अभियान की शुरुआत मालवा क्षेत्र से करने की तैयारी है।
नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह से पहले भाजपा नेताओं ने पंजाब में ‘डबल इंजन सरकार’ बनाने का दावा करते हुए कहा कि पार्टी अब संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को तेज करेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों को ऐसे क्षेत्र से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। उन्होंने बताया कि भाजपा अपने चुनावी अभियान की शुरुआत बरनाला और संगरूर से करेगी और यहीं से पंजाब में राजनीतिक परिवर्तन की नींव रखी जाएगी।
बिट्टू ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए पार्टी का पूरा संगठन अगले कुछ महीनों तक लगातार जनता के बीच रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और एक बार नेतृत्व कोई फैसला कर ले तो पूरा संगठन उसके पीछे मजबूती से खड़ा रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किए गए विकास रोडमैप को पंजाब में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब में पार्टी का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य की सभी 117 सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और ऐसी सरकार बनाने का प्रयास करेगी जो पंजाब, पंजाबी संस्कृति और भाईचारे की भावना को और सशक्त बनाए।
चुघ ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं और भाजपा की नीतियों के कारण राज्य में लोगों का भरोसा पार्टी की ओर बढ़ रहा है, जिसका लाभ आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।
वहीं, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ढिल्लों ने कांग्रेस में लंबे समय तक कार्य किया है और अब भाजपा में उनकी नई भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
हालांकि, रंधावा ने भाजपा के नेतृत्व परिवर्तन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस नेता ने पहले मुख्यमंत्री पद न मिलने को लेकर अपनी धार्मिक पहचान का मुद्दा उठाया था, उसकी जगह अब एक जट्ट सिख नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस में लंबा समय बिताया और पार्टी नेतृत्व ने हमेशा उनका सम्मान किया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कैप्टन को कांग्रेस नहीं छोड़नी चाहिए थी, क्योंकि पार्टी ने उन्हें दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह उनके वरिष्ठ नेता रहे हैं और उनके प्रति उनके मन में आज भी सम्मान है।
पंजाब भाजपा में हुए इस नेतृत्व परिवर्तन को विशेष रूप से मालवा क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में भाजपा का मुख्य फोकस संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती और विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक अभियान पर रहेगा। इससे साफ है कि पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से तेज हो चुकी हैं और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने मोर्चे मजबूत करने में जुट गए हैं।पंजाब भाजपा का ‘मिशन-2027’ शुरू, केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान
चंडीगढ़। पंजाब भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का संकेत दिया है। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में भाजपा ने ‘मिशन-2027’ का शंखनाद कर दिया है और चुनावी अभियान की शुरुआत मालवा क्षेत्र से करने की तैयारी है।
नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह से पहले भाजपा नेताओं ने पंजाब में ‘डबल इंजन सरकार’ बनाने का दावा करते हुए कहा कि पार्टी अब संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को तेज करेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों को ऐसे क्षेत्र से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। उन्होंने बताया कि भाजपा अपने चुनावी अभियान की शुरुआत बरनाला और संगरूर से करेगी और यहीं से पंजाब में राजनीतिक परिवर्तन की नींव रखी जाएगी।
बिट्टू ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए पार्टी का पूरा संगठन अगले कुछ महीनों तक लगातार जनता के बीच रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और एक बार नेतृत्व कोई फैसला कर ले तो पूरा संगठन उसके पीछे मजबूती से खड़ा रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किए गए विकास रोडमैप को पंजाब में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब में पार्टी का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य की सभी 117 सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और ऐसी सरकार बनाने का प्रयास करेगी जो पंजाब, पंजाबी संस्कृति और भाईचारे की भावना को और सशक्त बनाए।
चुघ ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं और भाजपा की नीतियों के कारण राज्य में लोगों का भरोसा पार्टी की ओर बढ़ रहा है, जिसका लाभ आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।
वहीं, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ढिल्लों ने कांग्रेस में लंबे समय तक कार्य किया है और अब भाजपा में उनकी नई भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
हालांकि, रंधावा ने भाजपा के नेतृत्व परिवर्तन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस नेता ने पहले मुख्यमंत्री पद न मिलने को लेकर अपनी धार्मिक पहचान का मुद्दा उठाया था, उसकी जगह अब एक जट्ट सिख नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस में लंबा समय बिताया और पार्टी नेतृत्व ने हमेशा उनका सम्मान किया। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कैप्टन को कांग्रेस नहीं छोड़नी चाहिए थी, क्योंकि पार्टी ने उन्हें दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह उनके वरिष्ठ नेता रहे हैं और उनके प्रति उनके मन में आज भी सम्मान है।
पंजाब भाजपा में हुए इस नेतृत्व परिवर्तन को विशेष रूप से मालवा क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में भाजपा का मुख्य फोकस संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती और विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक अभियान पर रहेगा। इससे साफ है कि पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां अभी से तेज हो चुकी हैं और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने मोर्चे मजबूत करने में जुट गए हैं।