दैनिक खबरनामा। कठुआ, 12 जून: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में स्थित सरथल इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। समुद्र तल से करीब 7,200 फीट की ऊंचाई पर बसे इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की पहचान इसके विशाल हरे-भरे मैदानों, देवदार के घने जंगलों और सुहावने मौसम से है। मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच यहां आने वाले पर्यटक स्वेटर और जैकेट पहनकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते नजर आते हैं।
करीब 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला सरथल बनी तहसील मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां के विशाल घास के मैदान, रंग-बिरंगे पक्षी, स्वच्छ वातावरण और आसपास बर्फ से ढकी पहाड़ियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। खास बात यह है कि जून और जुलाई में भी यहां नजदीकी पहाड़ियों पर बर्फ देखने और उसके साथ खेलने का मौका मिलता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ‘सरथल’ का अर्थ है ‘धरती पर स्वर्ग’। मई से सितंबर तक का समय ट्रैकिंग, कैंपिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक स्थानीय व्यंजनों के साथ दूध, पनीर, कलाड़ी और ट्राउट मछली का भी स्वाद लेते हैं।
गर्मियों की छुट्टियों के चलते इन दिनों सरथल में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां पहुंचने के लिए कठुआ, भद्रवाह, डलहौजी और पठानकोट से सड़क मार्ग की बेहतर सुविधा उपलब्ध है। पर्यटकों के ठहरने के लिए टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (टीआरसी) सहित निजी होटलों की व्यवस्था भी मौजूद है।
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की तैनाती की गई है, जिससे सरथल एक सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।