दैनिक खबरनामा। वाशिंगटन, 6 जून 2026: अमेरिका ने ईरान के एक कथित तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) नेटवर्क पर व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि यह नेटवर्क ईरानी मूल की एलपीजी को ओमान के ईंधन के रूप में पेश कर बांग्लादेश सहित दक्षिण और पूर्वी एशिया के कई देशों तक पहुंचा रहा था।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि प्रतिबंधों का दायरा उन कंपनियों, जहाजों और व्यक्तियों तक बढ़ाया गया है, जो ईरान पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करने में कथित रूप से मदद कर रहे थे।
अमेरिका के अनुसार, इस नेटवर्क ने संयुक्त अरब अमीरात और चीन में स्थापित फ्रंट कंपनियों, विदेशी बैंक खातों तथा ईरान के तथाकथित “शैडो फ्लीट” से जुड़े जहाजों का इस्तेमाल कर एलपीजी की वास्तविक उत्पत्ति छिपाई। इसके जरिए प्रतिबंधों से बचते हुए ईंधन का निर्यात किया जा रहा था।
इसके अलावा, अमेरिका ने एक ईरानी विदेशी मुद्रा विनिमय कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि इस कंपनी ने प्रतिबंधित ईरानी बैंकों की ओर से सैकड़ों करोड़ डॉलर के वित्तीय लेन-देन को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वाशिंगटन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य ईरान की उन वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, जिनके माध्यम से वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर राजस्व अर्जित कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि ईरान से जुड़े ऐसे नेटवर्कों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।