दैनिक खबरनामा। सेंट पीटर्सबर्ग, 6 जून 2026 – रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की तकनीकी ताकत की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि भारत अब वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच 2026 में शुक्रवार को दिए संबोधन में पुतिन ने कहा कि भारत वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में अहम भूमिका निभा रहा है और आईटी के अग्रणी देशों में शामिल है। पुतिन ने भारत को रूस का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि तकनीकी क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां विश्व स्तर पर असर डाल रही हैं। “वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में भारत की मजबूत हिस्सेदारी उसकी बढ़ती आर्थिक और तकनीकी शक्ति का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।
ब्रिक्स का बढ़ता आर्थिक वजन
पुतिन ने दावा किया कि विश्व सकल घरेलू उत्पाद में ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी अब करीब 40 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि जी-7 देशों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से नीचे आ गई है। उन्होंने कहा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के नए केंद्र अब अपनी विकास रणनीति खुद तय कर रहे हैं – कच्चे माल के निर्यात से आगे बढ़कर मूल्यवर्धित उत्पाद, अपने ब्रांड, तकनीकी मानक और औद्योगिक क्षमता विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।
पिछले पांच सालों के आंकड़े गिनाते हुए पुतिन ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि में लगभग 49 प्रतिशत योगदान ब्रिक्स का रहा, जबकि जी-7 का योगदान सिर्फ 18 प्रतिशत था। ब्रिक्स ने 2020 में ही जी-7 को पीछे छोड़ दिया था और आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ेगा। उन्होंने अनुमान जताया कि जी-7 की औसत वार्षिक वृद्धि दर करीब 1.1 प्रतिशत रहेगी, जबकि ब्रिक्स की वृद्धि 4 प्रतिशत से ऊपर बनी रह सकती है। यह केवल रूस का आकलन नहीं, बल्कि विश्व बैंक और आईएमएफ के आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं।
जेलेंस्की से मुलाकात से इनकार
इसी मंच पर पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुलाकात के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। उन्होंने जेलेंस्की के खुले पत्र को “अशिष्ट” करार देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में व्यक्तिगत बैठक और सार्थक वार्ता की संभावना नहीं दिखती। “मुझे इस समय ऐसी बैठक का कोई विशेष अर्थ नजर नहीं आता,” पुतिन ने कहा, जिससे रूस-यूक्रेन तनाव के और गहराने के संकेत मिले हैं।