दैनिक खबरनामा। भुवनेश्वर, 7 जून 2026: ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईटीडीए बालिगुड़ा के सहायक कार्यपालक अभियंता (AEE) बैकुंठ बेहरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। जांच के दौरान अब तक 5 आलीशान बहुमंजिला मकान, 13 मूल्यवान प्लॉट, भारी मात्रा में सोने के आभूषण, लाखों रुपये नकद और बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बैकुंठ बेहरा ने वर्ष 1999 में मात्र 6 हजार रुपये मासिक वेतन पर कनिष्ठ अभियंता (JE) के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। हालांकि, छापेमारी में उनके और उनके परिजनों के नाम पर करोड़ों रुपये की अचल एवं चल संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जिसने विभागीय अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है।
भुवनेश्वर समेत कई जिलों में फैली संपत्तियां
जांच में पता चला है कि भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर, नीलाद्रि विहार, शैलश्री विहार, बमिखाल-गोविंदप्रसाद (संतोषी विहार) और घाटिकिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बेहरा के कई मकान और प्लॉट मौजूद हैं। इसके अलावा खुर्दा-जटनी के नीलकंठपुर, जाजपुर जिले के धर्मशाला तथा मयूरभंज के श्यामाखुंटा क्षेत्र में भी जमीन होने का खुलासा हुआ है।
अब तक कुल 13 प्लॉटों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें 7 भुवनेश्वर, 5 धर्मशाला और 1 बारीपदा में स्थित हैं। एक रिश्तेदार के नाम पर लगभग 2500 वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित दो मंजिला मकान भी जांच के दायरे में आया है।
विजिलेंस टीम को चंद्रशेखरपुर स्थित आवास से दो सोने की मूर्तियों सहित बड़ी मात्रा में स्वर्ण आभूषण मिले हैं। इसके अलावा 2.66 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। तलाशी के दौरान बैंक पासबुक, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि उनकी पत्नी के नाम पर एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो बैंक लॉकर हैं। इन लॉकरों की तलाशी के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। नकदी की गिनती बैंक की मशीनों के माध्यम से जारी है।
रिश्तेदारों के घरों पर भी कार्रवाई
विजिलेंस की अलग-अलग टीमें मयूरभंज के बारीपदा और जाजपुर के धर्मशाला स्थित उनके रिश्तेदारों के घरों की भी तलाशी ले रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई हो सकती हैं।
भुवनेश्वर स्थित विशेष विजिलेंस न्यायालय के आदेश पर की गई इस कार्रवाई में 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), 5 डीएसपी, 6 निरीक्षक और बड़ी संख्या में विजिलेंस कर्मियों को लगाया गया। कई घंटों तक चली तलाशी के दौरान संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
तीन महीने पहले ही मिला था प्रमोशन
बैकुंठ बेहरा ने नवरंगपुर, उदला, डाबूगांव और विभिन्न आईटीडीए कार्यालयों में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। वर्ष 2016 में उन्हें सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया था, जबकि 12 फरवरी 2026 को उन्हें सहायक कार्यपालक अभियंता (AEE) बनाया गया। पदोन्नति के महज तीन महीने बाद हुई इस विजिलेंस कार्रवाई ने विभाग में हलचल मचा दी है।
फिलहाल विजिलेंस विभाग संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।