दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 10 जून: स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन्स की अहम भूमिका होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी कमी सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकती है? एक हालिया शोध में खुलासा हुआ है कि कुछ जरूरी विटामिन्स की कमी डिमेंशिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकती है।
मेडिकल जर्नल लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, शरीर में विटामिन D, विटामिन B2, विटामिन B6 और विटामिन B12 की कमी डिमेंशिया के बढ़ते खतरे से जुड़ी हुई है। यह शोध तेलंगाना के 556 अधेड़ और बुजुर्ग लोगों पर किया गया, जिसमें पाया गया कि जिन लोगों में डिमेंशिया का जोखिम अधिक था, उनमें इन विटामिन्स की कमी भी ज्यादा देखी गई।
39 फीसदी प्रतिभागियों में मिला डिमेंशिया का खतरा
अध्ययन में शामिल 556 लोगों में से करीब 39 प्रतिशत में डिमेंशिया का जोखिम पाया गया। शोधकर्ताओं ने उम्र, बॉडी मास इंडेक्स (BMI), शारीरिक गतिविधि, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसे कारकों का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डिमेंशिया का खतरा अपेक्षाकृत अधिक था।
विटामिन्स की कमी के आंकड़े चौंकाने वाले
अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों में विटामिन्स की कमी के निम्न स्तर दर्ज किए गए—
64% लोगों में विटामिन B2 की कमी
42% लोगों में विटामिन D की कमी
34% लोगों में विटामिन B6 की कमी
17% लोगों में विटामिन B12 की कमी
क्या है डिमेंशिया?
डिमेंशिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है। बीमारी बढ़ने पर मरीज को रोजमर्रा के सामान्य कार्य करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि इन आवश्यक विटामिन्स की कमी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकती है। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना बेहद जरूरी है।