इज़राइल की आक्रामकता पूरी दुनिया के लिए खतरा, इसे रोका जाना चाहिए: एर्दोआन
दैनिक खबरनामा। अंकारा, 10 जून : तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोआन ने बुधवार को कहा कि सीरिया और लेबनान में इज़राइल द्वारा किए जा रहे हमले अब ऐसे स्तर पर पहुंच गए हैं, जहां वे तुर्किये की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इज़राइल की बढ़ती आक्रामकता केवल क्षेत्रीय स्थिरता को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा को भी प्रभावित कर रही है।
एर्दोआन ने कहा कि इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल रोका जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के विस्तार से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
तुर्किये, जो कि नाटो का सदस्य देश है, लंबे समय से इज़राइल की नीतियों का आलोचक रहा है। हाल के महीनों में उसने ईरान, गाजा और लेबनान पर इज़राइली हमलों की कड़ी आलोचना की है। एर्दोआन सरकार का कहना है कि इज़राइल क्षेत्रीय शांति स्थापित करने में सबसे बड़ी बाधा बन चुका है।
इसी क्रम में तुर्किये ने इज़राइल के साथ अपना समस्त व्यापार रोक दिया है और अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों तथा अन्य वैश्विक मंचों पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एर्दोआन की टिप्पणियों का जवाब सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दिया। नेतन्याहू ने कहा कि “तुर्किये के राष्ट्रपति इज़राइल को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले अंतिम व्यक्ति हैं।”
उन्होंने कहा कि इज़राइल और उसकी सेना (आईडीएफ) ईरान और उसके समर्थक समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे। नेतन्याहू के अनुसार, ये समूह न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
एर्दोआन और नेतन्याहू के बीच इस तीखी बयानबाजी ने दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक जटिल बना दिया है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य संघर्षों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी लगातार बढ़ रही है।