दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 12 जून: आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ-साथ ड्रोन, सीसीटीवी निगरानी, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से बहु-स्तरीय एवं अभेद्य सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सर्वोच्च सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और पशुओं के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने तथा सभी पहचान पत्रों को क्यूआर कोड युक्त करने पर विशेष जोर दिया।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगी। गृह मंत्री ने श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही शिविर स्थलों पर व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती करने को कहा गया।
शाह ने यात्रा मार्ग के अलावा जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु यात्रा के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण में पर्यटन गतिविधियों का भी आनंद ले सकें। उन्होंने मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान के अनुरूप ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था पर भी बल दिया।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित गृह मंत्रालय, भारतीय सेना, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों तथा केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।