दैनिक खबरनामा। शिमला, 13 जून: हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक और आर्थिक झटका लगा है। बिजली सब्सिडी सीमित किए जाने के बाद अब उपभोक्ताओं से बिजली बिलों में फ्यूल चार्ज के नाम पर 50 से 200 रुपये तक अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। इसके चलते अधिकांश उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रदेश में पहले से ही बिजली पर प्रति यूनिट 10 पैसे मिल्क सेस, 2 पैसे पर्यावरण उपकर समेत अन्य शुल्क लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा स्मार्ट मीटरों की स्थापना की लागत भी उपभोक्ताओं से किस्तों के माध्यम से वसूली जा रही है। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं पर कुल वित्तीय बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं, बिजली सब्सिडी का लाभ भी अब केवल दो मीटरों तक ही सीमित कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जिन घरों का बिजली बिल सामान्यतः 500 से 600 रुपये के बीच आता था, इस बार उसमें अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का कहना है कि बिलों में वृद्धि का मुख्य कारण बिजली खपत में बढ़ोतरी है और सभी शुल्क नियामकीय प्रावधानों के तहत ही वसूले जा रहे हैं।
क्यों लगाया जा रहा है फ्यूल चार्ज?
प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत बोर्ड को बिजली उपलब्ध कराना बंद किए जाने के बाद बोर्ड को मांग पूरी करने के लिए अन्य राज्यों से बिजली खरीदनी पड़ रही है। गर्मियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने से खुले बाजार में बिजली महंगी दरों पर खरीदनी पड़ रही है। इसी अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) अथवा फ्यूल चार्ज के रूप में राशि वसूली जा रही है।
चार रुपये प्रति यूनिट तक फ्यूल चार्ज लगाने का प्रस्ताव
वर्तमान में वर्ष 2024 में स्वीकृत प्रावधानों के तहत उपभोक्ताओं से करीब 34 पैसे प्रति यूनिट की दर से फ्यूल चार्ज लिया जा रहा है। वहीं, सरकार ने इसे बढ़ाकर चार रुपये प्रति यूनिट तक करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मंजूरी के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजा गया है। यदि आयोग इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे देता है तो आने वाले महीनों में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है।
उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे के लिए स्वतंत्र सदस्य नियुक्त
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए अतिरिक्त उपभोक्ता शिकायत निवारण मंचों में स्वतंत्र सदस्यों की नियुक्ति की है। जारी अधिसूचना के अनुसार ऊना, रामपुर, नाहन और रोहडू ऑपरेशन सर्किलों के लिए स्वतंत्र सदस्यों को नामित किया गया है।
ऊना ऑपरेशन सर्किल के लिए इंजीनियर बलराज, रामपुर के लिए अधिवक्ता कमल देव, नाहन के लिए रघुवीर सिंह मेहता तथा रोहडू के लिए कमल दिलाइक को नियुक्त किया गया है। इनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। हालांकि, यदि कोई सदस्य 65 वर्ष की आयु पहले पूरी कर लेता है तो उसका कार्यकाल स्वतः समाप्त माना जाएगा।