1 जुलाई से शुरू होंगे आवासीय स्किल डेवलपमेंट कोर्स, सरकार उठाएगी पूरा खर्च
दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़ ,18 जून 2026. पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुफ्त आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार और बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) से जुड़े ये प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर की संस्था अपोलो मेड स्किल्स के सहयोग से संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण की शुरुआत 1 जुलाई से पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत लुधियाना और जालंधर स्थित चयनित केंद्रों में होगी।
उन्होंने बताया कि युवाओं को दो प्रमुख रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों— “केयर-गिवर : मदर एंड न्यू बॉर्न” और “एल्डरली केयर टेकर” में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक अनुभव, उद्योग से जुड़ा ज्ञान और रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल सके।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान चयनित उम्मीदवारों को निशुल्क आवास, भोजन, प्रशिक्षण सामग्री और राष्ट्रीय स्तर की संस्था से प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा और संपूर्ण खर्च पंजाब सरकार वहन करेगी।
उन्होंने बताया कि पंजाब के स्थायी निवासी तथा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित वे उम्मीदवार, जिन्होंने कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की है, इन कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक प्रभावी साधन है। जब कोई युवा हुनर हासिल कर रोजगार प्राप्त करता है, तो उससे पूरे परिवार में आत्मविश्वास, स्थिरता और नई उम्मीद का संचार होता है। पंजाब सरकार प्रत्येक पात्र युवा को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इच्छुक उम्मीदवार अपनी जानकारी directorwelfare@gmail.com, dir.scsp@punjab.gov.in अथवा punjabprojects@apollomedskills.com पर भेज सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी और सहायता के लिए संबंधित जिलों के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।
पंजाब सरकार की यह पहल अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं को कौशल आधारित रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।