दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 25 जून, 2026. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानजनक और चिंता-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ‘आशीर्वाद योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14 जिलों के 3,282 पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने हेतु ₹16.74 करोड़ की राशि जारी की है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उन परिवारों की चिंता दूर करना भी है जिनके लिए बेटी का विवाह एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारी होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी का विवाह उसके माता-पिता के लिए कर्ज या तनाव का कारण नहीं बनना चाहिए और सरकार हर जरूरतमंद परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
मंत्री के अनुसार, आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक लाभार्थी अमृतसर और जालंधर जिलों से हैं। अमृतसर के 1,178 तथा जालंधर के 877 परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा कपूरथला के 427, एस.बी.एस. नगर के 261, पठानकोट के 210, बरनाला और पटियाला के 61-61, मानसा के 50, फतेहगढ़ साहिब के 47, बठिंडा के 39, एस.ए.एस. नगर के 29, फरीदकोट के 28, मालेरकोटला के 13 तथा संगरूर के एक परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को विवाह के लिए ₹51,000 की अनुदान राशि दी जाती है। इस योजना का लाभ पंजाब के स्थायी निवासियों को मिलता है, जो अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अथवा अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हों तथा जिनके परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹32,790 से कम हो। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा भविष्य में भी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाने के प्रयास जारी रखे जाएंगे।