दैनिक खबरनामा ब्यूरो। वॉशिंगटन, 29 जून: खाड़ी क्षेत्र में हाल के सैन्य तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका ने फिलहाल एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने तथा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद पर बातचीत दोबारा शुरू करने पर सहमति बनाई है। इस कदम से उस अंतरिम शांति समझौते के बचने की उम्मीद बढ़ी है, जिस पर पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे जवाबी हमलों के कारण संकट के बादल मंडरा रहे थे।

अधिकारी ने बताया कि 17 जून को हुए 14 सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के सभी बिंदुओं पर तकनीकी स्तर की बातचीत जारी रहेगी। इसी समझौते के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए फिर से खोला जाना तय हुआ था। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई से पीछे हटेंगे और जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।

समाचार वेबसाइट ऐक्सिओस  ने सबसे पहले एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से संघर्ष विराम की जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अगला दौर मंगलवार को कतर में आयोजित किया जाएगा।

यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय सामने आई है, जब गुरुवार को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल गिरने के बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक हमले और जवाबी हमले हुए। अमेरिका और ईरान दोनों ने 17 जून को हुए अंतरिम युद्धविराम के उल्लंघन के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।

रविवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। यह कार्रवाई उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुई, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान युद्ध समाप्त करने संबंधी समझौते का पालन नहीं करेगा तो इस्लामिक गणराज्य का अस्तित्व समाप्त हो सकता है।

उधर, इज़राइल ने रविवार को दावा किया कि उसने दक्षिणी लेबनान के एक गांव में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के भूमिगत ढांचे को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है। इससे एक दिन पहले शनिवार को भी इज़राइल ने हमला किया था, जबकि शुक्रवार को लेबनान के साथ नया युद्धविराम समझौता हुआ था। ईरान का कहना है कि यदि व्यापक समझौते को कायम रखना है तो लेबनान में संघर्ष भी समाप्त होना चाहिए।

इससे पहले अमेरिकी सेना ने भी पुष्टि की थी कि उसने ईरान पर दोबारा हमला किया है। यह कार्रवाई उस घटना के कुछ घंटे बाद हुई, जब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्ग हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ था, जिसे संघर्ष के दौरान तेहरान ने बड़े पैमाने पर बंद रखा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो एक समय ऐसा आ सकता है जब अमेरिका संयम नहीं बरतेगा और जिस सैन्य अभियान की शुरुआत की गई थी, उसे पूरी तरह पूरा करने के लिए मजबूर होगा। इसके कुछ समय बाद ही संघर्ष विराम की खबर सामने आई।

शांति समझौते के बाद भी जारी रही हिंसा

करीब एक सप्ताह पहले स्विट्जरलैंड में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ के नेतृत्व में वार्ता हुई थी। इसके बाद वॉशिंगटन ने तेहरान पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में भी ढील दी थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव फिर शुरू हो गया और धीरे-धीरे और तीव्र होता गया।

ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट के लगभग एक घंटे बाद कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। वहीं बहरीन में भी सायरन बजने की पुष्टि की गई।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बयान जारी कर कहा कि उसकी नौसेना और वायुसेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन अभियान चलाया है।

आईआरजीसी का कहना है कि अमेरिकी हमलों ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है और इससे सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं पूरी तरह समाप्त हो सकती हैं। सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, आईआरजीसी नौसेना कमान ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन अब तक किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने या सैन्य अड्डों को बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि उन्होंने कहा कि हालात अभी भी तेजी से बदल रहे हैं।

कुछ घंटे बाद बहरीन में दूसरी बार सायरन बजाए गए। अधिकारियों ने बताया कि ईरानी हमले में मुहर्रक प्रांत की एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

वहीं कुवैती सेना ने बताया कि उसने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया और इस हमले में किसी प्रकार का नुकसान या जनहानि नहीं हुई।

दूसरी ओर कतर ने जानकारी दी कि उसके एक नागरिक की उस जहाज पर घायल होने के बाद मृत्यु हो गई, जो बाद में लापता हो गया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, उसी घटना में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ। मंत्रालय ने बताया कि यह घटना क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों से जुड़ी थी, लेकिन उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि घटना किस स्थान पर हुई और इसके लिए किस पक्ष को जिम्मेदार माना जाए।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

ईरानी एलपीजी नेटवर्क पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, बांग्लादेश को आपूर्ति के आरोप में लगाए व्यापक प्रतिबंध

दैनिक खबरनामा। वाशिंगटन, 6 जून 2026: अमेरिका ने ईरान के एक कथित…
Share to :

धरती पर बढ़ सकता है गर्मी का कहर

दैनिक खबरनामा ब्यूरो| जिनेवा, 2 जून: वैश्विक मौसम प्रणाली में बड़े बदलाव…
Share to :

भारत-ओमान आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू, सीईपीए लागू होते ही निर्यातकों के लिए खुले बड़े अवसर

दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 1 जून : भारत और ओमान के बीच…
Share to :

होरमुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव, अमेरिकी सेना ने ईरानी रडार ठिकानों पर किया हमला

दैनिक खबरनामा ब्यूरो। दुबई/वाशिंगटन, 6 जून अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष…
Share to :