दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 29 जून 2026. पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत शुरू की गई मुख्यमंत्री एंटी करप्शन एक्शन लाइन ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। मार्च 2022 से मई 2026 तक इस हेल्पलाइन पर कुल 16,950 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनकी जांच के आधार पर 284 एफआईआर दर्ज कर 368 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि 23 मार्च 2022 को शुरू की गई मुख्यमंत्री एंटी करप्शन एक्शन लाइन (9501 200 200) का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों की बेखौफ शिकायत दर्ज कराने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है।
प्रवक्ता के अनुसार, 23 मार्च 2022 से 31 मई 2026 तक प्राप्त कुल 16,950 शिकायतों में से 10,951 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित थीं, जिन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। वहीं, 1,445 शिकायतें विजिलेंस ब्यूरो से संबंधित पाई गईं, जिन्हें जांच के लिए जिला विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी को भेजा गया।
इन शिकायतों की जांच के बाद अब तक 284 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 368 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
विजिलेंस ब्यूरो ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे राज्य को पारदर्शी और रिश्वतखोरी मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री एंटी करप्शन एक्शन लाइन का अधिक से अधिक उपयोग करें। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म है, जिस पर नागरिक रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों की ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों सहित 24 घंटे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर आम लोगों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है।