दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 29 जून 2026. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब सरकार ने किसानों के हितों से जुड़े टेक्निकल ग्रेड यूरिया की जगह सब्सिडी वाले कृषि ग्रेड (नीम-कोटेड) यूरिया की कथित आपूर्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित अधिकारियों को ‘मेजर पेनल्टी’ के तहत चार्जशीट जारी की गई है, जबकि एक अधिकारी का प्रशासनिक आधार पर तबादला भी कर दिया गया है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद सहकारिता विभाग के प्रशासनिक सचिव ने मार्कफेड और मिल्कफेड को पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही टेक्निकल ग्रेड यूरिया की खरीद से जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गएl

जांच के बाद मिल्कफेड ने खन्ना कैटल फीड प्लांट के महाप्रबंधक, प्रबंधक (पशुपालन), गुणवत्ता प्रभारी, उप प्रबंधक (खरीद एवं भंडारण) तथा खरीद प्रभारी सहित चार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध मेजर पेनल्टी के तहत चार्जशीट जारी कर दी। वहीं मार्कफेड ने भी प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए मुख्य प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया तथा महाप्रबंधक, वरिष्ठ लेखा अधिकारी और वरिष्ठ सहायक के विरुद्ध चार्जशीट जारी की। संबंधित वरिष्ठ सहायक का प्रशासनिक हित में तबादला भी कर दिया गया।

सरकार ने मामले में जीएसटी से जुड़ी संभावित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के भी आदेश दिए हैं। पंजाब कर विभाग ने गिद्दड़बाहा स्थित एक फर्म की जांच शुरू कर दी है, जबकि नई दिल्ली और हरियाणा की दो कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों में भी संदिग्ध अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि जीएसटी दस्तावेजों में टेक्निकल ग्रेड यूरिया दर्शाए गए उत्पाद की जगह कथित रूप से नीम-कोटेड यूरिया की आपूर्ति की गई, जिससे गलत घोषणा, इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग और सब्सिडी वाले उर्वरक के संभावित दुरुपयोग की आशंका पैदा हुई है। मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों को भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भविष्य में ऐसी घटनाओं क पुनरावृत्ति रोकने के लिए सहकारिता विभाग को निर्देश दिए हैं कि पंजाब में टेक्निकल ग्रेड यूरिया की खरीद और आपूर्ति के लिए मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि यह सामग्री सीधे भारत सरकार की एजेंसियों अथवा अधिकृत संस्थानों से खरीदी जा सके। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करने वाले किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या संस्था के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को मिलने वाली हर सब्सिडी और सरकारी संसाधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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