दैनिक खबरनामा ।रामपुर बुशहर / हिमाचल प्रदेश, 30 जून : किन्नौर स्थित रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 43 वर्षीय किशोरी लाल को 20 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल के अनुसार, दोषी किशोरी लाल रामपुर की एक पंचायत का तत्कालीन प्रधान था।
मामला 2025 का है। 21 सितंबर 2025 को 13 वर्षीय पीड़िता, जो आठवीं कक्षा की छात्रा है और नानी के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी, स्कूल जा रही थी। रास्ते में किशोरी लाल ने उसे रोककर उसके गले में पहनी रुद्राक्ष की माला को छुआ। उसी दिन शाम को आरोपी ने पीड़िता की सहेली को स्कूल से लौटते वक्त रोका। उसने सहेली से कहा कि सुबह माला छूने पर उसे झटका महसूस हुआ था। उसने दावा किया कि वह मुसलमानी विद्या जानता है और माला का मंत्रों से उपचार जरूरी है। साथ ही धमकी दी कि ऐसा न करने पर पीड़िता के परिवार के सभी सदस्यों की मृत्यु हो जाएगी। सहेली ने यह बात पीड़िता को बता दी।
इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को किशोरी लाल ने पीड़िता को अपने घर बुलाया। वहां उसने पीड़िता को पानी पिलाया और शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा। पीड़िता के इनकार कर जाने की कोशिश करने पर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
आरोपी तांत्रिक विद्या का भय दिखाकर पीड़िता का शोषण कर रहा था और उस पर फोन पर बात करने का दबाव भी बनाता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता ने पूरी घटना अपनी नानी को बताई। नानी ने उसके माता-पिता को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने 16 गवाहों के बयान दर्ज किए। सभी गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए। कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में सरकार का पक्ष उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने रखा।