दैनिक खबरनामा ब्यूरो । मिडिल ईस्ट, 8 जुलाई: पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच एक बार फिर हालात बिगड़ गए हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि उसने ईरान के सैन्य ढांचों पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। समाचार एजेंसी सेटकॉम के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के करीब 80 ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिका का आरोप है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में आम नागरिकों वाले व्यापारिक जहाजों और तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमले के जवाब में की गई है। वॉशिंगटन का कहना है कि तेहरान ने पिछले महीने हुए द्विपक्षीय युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
जानकारी के अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। अमेरिका ने इसे गैर-जरूरी और खतरनाक हरकत बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता को सीधा खतरा पैदा हुआ है।
किन ठिकानों पर हुआ हमला
रक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि हमले में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, समुद्र तटीय निगरानी नेटवर्क, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, जहाज रोधी क्रूज मिसाइलें और ड्रोन छोड़ने वाले प्लेटफॉर्म शामिल थे। दक्षिणी ईरान के सिरीक और बंदर अब्बास जैसे अहम बंदरगाह शहरों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
ईरान का जवाब
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका द्वारा समझौते तोड़े जाने के परिणामों को लेकर चेतावनी दी जाती है। मंत्रालय ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा।
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी उथल-पुथल देखी जा रही है, क्योंकि होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है।