दैनिक खबरनामा । कुल्लू, 8 जुलाई: हिमाचल में मानसून की दस्तक के साथ ही जिला कुल्लू की गड़सा घाटी में प्रकृति ने कहर बरपाया है। घाटी के शिलानाल और मनिहार क्षेत्र में बादल फटने की वजह से गड़सा नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया और तेज बहाव के साथ बाढ़ आ गई।
बाढ़ की चपेट में आकर करीब 10 छोटी पुलियाएं पानी में बह गईं। पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा, पत्थर और पेड़ भी बहकर आए, जिससे नाले का रास्ता अवरुद्ध हो गया। स्थिति बिगड़ती देख नाले किनारे बसे लोगों ने फौरन एक-दूसरे को अलर्ट किया और घरों को छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
आवागमन ठप, स्कूली बच्चे और मरीज परेशान
कई पुलिया बह जाने से दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से टूट गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन आवाजाही बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों का स्कूल जाना और बीमार लोगों का अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है।
रातभर दहशत में रहे लोग
स्थानीय लोगों बंता देवी, रोहित, महेंद्र और राजू ने बताया कि बादल फटने के बाद नाले में अचानक उफान आया। तेज आवाज और पानी के बहाव को देखकर पूरे गांव में दहशत फैल गई। डर के कारण लोग रातभर जागते रहे।
प्रशासन अलर्ट मोड में
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए एडवायजरी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे नालों के किनारे न जाएं और अपने मवेशियों को भी सुरक्षित जगहों पर ले जाएं। प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है। अधिकारियों के अनुसार अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।