दैनिक खबरनामा। हमीरपुर, 10 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध मंदिर में अब चढ़ावे की गिनती और सख्त नियमों के तहत होगी। मंदिर प्रबंधन ने कर्मचारियों की वर्दी को लेकर अहम फैसला लिया है।
मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ के आदेश पर 13 जुलाई से चढ़ावा गिनने वाले सभी कर्मियों के लिए बिना जेब वाले वस्त्र अनिवार्य कर दिए गए हैं।
ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो, यह सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल ही में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद मंदिरों में इस तरह की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में दियोटसिद्ध मंदिर प्रबंधन ने भी अपने स्तर पर बदलाव करने का निर्णय लिया।
दियोटसिद्ध मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में जमा होने वाली नकदी की गिनती पहले से ही तय प्रक्रिया के अनुसार होती है। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, अधिकृत कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी होती है।
अब इस पूरी प्रक्रिया में एक और शर्त जुड़ गई है। 13 जुलाई से गिनती में शामिल होने वाले हर कर्मचारी को बिना जेब वाले कपड़े पहनकर ही ड्यूटी देनी होगी, ताकि किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश न रहे।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि इस प्रस्ताव पर काफी समय से विचार चल रहा था। अब इसे औपचारिक रूप से लागू किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा और दान की गिनती में जवाबदेही भी बढ़ेगी।