दैनिक खबरनामा। वाराणसी, 13 जुलाई: शहर में कोरोना को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। आईएमएस बीएचयू में सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक की रिपोर्ट्स में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार शुरुआत में जब मामले सामने आए थे, तब यह वायरस नया था और लोगों के शरीर में इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता नहीं थी। इसी वजह से उस समय संक्रमण तेजी से फैला। दूसरी लहर के दौरान भी कई लोग बीमार पड़े, लेकिन उसी समय टीकाकरण अभियान भी चल रहा था। टीके और संक्रमण दोनों की वजह से अब अधिकांश लोगों के शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी बन चुकी है।
इसी कारण अब कोरोना सक्रिय होने के बाद भी पहले जैसी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित नहीं कर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि खतरा मुख्य रूप से उन लोगों को है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। हालांकि ऐसे मरीजों में भी गंभीर स्थिति बहुत कम देखने को मिल रही है।
बीएचयू अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक संक्रमित युवक 27 साल का है और आशापुर क्षेत्र का रहने वाला है। उसे पिछले कई दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद वह चेस्ट एंड टीबी विभाग में जांच कराने पहुंचा। वहां की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे भर्ती कर लिया गया।
डॉक्टरों ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अभी युवक की हालत पर निगरानी रखी जा रही है। परिवार के बाकी लोगों में फिलहाल कोई लक्षण नहीं मिले हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में सतर्कता और इम्यूनिटी को मजबूत रखना जरूरी है। सांस, बुखार या अन्य लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होकर पूरा उपचार कराकर ही घर लौटना बेहतर रहेगा।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि कोरोना पूरी तरह गया नहीं है। इसलिए बचाव और जागरूकता बनाए रखना अभी भी जरूरी है।